अघोरी समस्या ना हम लोग सब तो एक अघोरी पकड़ में 2020 में जो यह का रहा है की मैं सतयुग से देवभूमि भारत में हूं ना मेरी उम्र बढ़नी है ना मैं मरता हूं मैं वो आठवां चिरंजीवी हूं जिसके बड़े में दुनिया ने अब तक सुना नहीं है जैसे अभी भी बहुत लोग हैं जिनके लिए साइन बाबा भगवान हैं उनमें से एक आपके सामने बैठा है मैं हर चीज ना एक उम्र तक अच्छी लगती है एक उम्र के बाद आपको खुद समझना पड़ता है की आप आप बादल जो एक बच्चा चोरी करता ना तो आपको प्यार आता है एक बड़ा चोरी करता ना तो रोड में पति जाता है है ना तो वो ये नहीं बोल सकता की अरे
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मैं तो मक्खन चूड़ा रहा था आप जाइए देखिए पांडव और गौरव की जो पुरी कहानी है ना वो सिर्फ मध्य है हमको सही और गलत का दिशा कर लेकिन कृष्णा का जो परपज था यहां आना और आपको और मुझे कुछ समझना जी वजह से आज भी हम कृष्णा की बात कर रहे हैं वो तो वो कर गए ना वेलकम जो आपका स्वागत है आण्विक्षी की विचार मंच में और आज हमारे साथ है अक्षय गुप्ता जी तो प्लीज प्लीज
बोलूंगा ना तब मैं ही बता दूंगा का मतलब समझा देता हूं आण्विक्षी की एक संस्कृत शब्द है जिसका मतलब है साइंटिफिक इंक्वारी तो बिल्ड बटर और न्यू एयर पर्सपेक्टिव इसका एक रूट शब्द जो हिंदी
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में है वो अन्वेषण है उसका नाम होता है उसका मतलब है रिसर्च तो में बी दिस इस मोर फैमिलियर जब क्योंकि आणविक की बहुत ही अनहार्ट है और ये चाणक्य जी ने बहुत पॉपुलर है इसके किया था सो उनको क्रेडिट जाता है इसके लिए एम आज अक्षत जी है तो अक्षत जी आप एक लाइन में अपना इंट्रोडक्शन बहुत बढ़िया देते हैं पहले वो दे दीजिए फिर मैं अपना देता हूं हेलो फूल टाइम हाउस हसबैंड की बात है 2014 15 16 17 18 मुंबई को बोलने के लिए की चलो ए जो है तो 5 साल तक हम जब यहां स्ट्रगल कर रहे थे तो मेरी वाइफ ही सब कुछ संभालती थी मां ऑफ डी हाउस टेकिंग केयर ऑफ एवरीथिंग
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और मैं उसे समय एक्चुअली हाउसेस था तो घर का ख्याल रखना उनको क्या पसंद है वो समय पे बावा के रखना आ नैना नया हाउस हेल्प आएगा तो कौन सा वो कोना होगा जहां वो झाड़ू नहीं मारेगा या मारेगी उसका ध्यान रखना पर शर्ट ₹3 प्रेस चार्ज से ₹7 प्लस चार्ज कब तक हुआ कैसे-कैसे बड़ा उसका ट्रैक रखना इस बात पे धोबी से झगड़ना की शर्ट का तो समझ में आता है लेकिन तुम लोग तकिए के कोली का बराबर क्यों ले लेते उसको तो बस ऐसे करना पड़ता है तो यह सब मैंने अपने घर में सालों किया है और आज भी वैसे तो साइलेंट पर हैं फोन लेकिन अगर अभी मेरी वाइफ का फोन आया और वह पूछे की एक्स ए जी
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चीज कौन से कमरे की कौन सी अलमारी के कौन से ड्राइवर में रखा है तो मुझे पता है तो है गाइज मी नाम इसे अक्षय गुप्ता फूल टाइम हाउस हसबैंड वीडियो अक्षत जी ने जो हमारे साथ कर रहे हैं ये पहले हमारे 11 पॉडकास्ट हो चुका है उसकी कहानी थोड़ी अलग है इनिशियली दिस वैसे गोइंग तू बी आर फर्स्ट मीटिंग विथ यू बट संजू कैसे हो गए की आ हमने एक पॉडकास्ट कर लिया आईटी हज टच ₹1 लाख व्यूज विदीन फाइव डेज वो हमारा सबसे फास्टेस्ट है अभी तक और इट्स जो क्रेडिट तू हम यू कैन मुझे मुझे तो कमेंट्स में गलियां ही देते लोग पर ये अगर आप गली दे रहे हो तो मैं आपको
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बन कर दूंगा तो अब मुझे ये स्पीकर को गली नहीं देंगे दूसरी बात है अब अक्षय जी पे आते हैं वापस अक्षय जी के नाम से पार्टी का नाम सुना है हमने अश्विन संगी जी का सुना है हमने चेतन भगत का सुना है बट यू बिल बी सरप्राइज तू नो की जो अमेजॉन इंडिया के जो टॉप और बुक्स है जो टाइम बुक्स नोट ओनली फिक्शन और c5 और मेबी माइथॉलजी क्षेत्र का नहीं जो टाइम बुक्स के जो टॉप पर बुक्स है उसमें है हिडन हिंदू वन तू थ्री और हिंदी वाली फर्स्ट पार्ट सेकंड पार्ट नहीं वह टॉप में साड़ी हैं पर इन जो कैटिगरीज है हिंदी यह सबसे लेटेस्ट है इसकी
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इंटरेस्टिंग स्टोरी हिंदू वन मैं लास्ट टाइम पॉडकास्ट में इनके साथ में था तो मैं घर पे ले आया था बुक और मेरी दादी जी अभी मेरे साथ शिफ्ट हुई है रिसेंटली उनके बाजू में पड़ी थी तो हिंदी देखकर उन्होंने बुक पढ़नी शुरू कर दी यह बुक एक्चुअली में बहुत ही यॉगंसेंटरक और काफी न्यू है स्पेशली 80 प्लस एयर ओल्ड ने इतना फटाफट उसको पढ़ लिया और उनका ये कमेंट था की मेरा तो दिमाग फैट गया सुन के ये पढ़ते क्योंकि इसके अंदर साड़ी चिरंजीवियों की बात कहीं गई है उनको इतना मजा आया मैं उनको बोला था अरे नहीं नहीं इसमें ये सब फिक्शन है उनको
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समझ नहीं आया फिक्शन शब्द क्या है वो मुझे दादा दी की नई नई इसमें सारे चिरंजीवी है ये बहुत बढ़िया बुक है तू मत मुझे बता क्या करना है सो अगर उनका ये ग्रुप है एक डॉक्टर जेनेरियन पे तो हमें तो बिल्कुल पढ़नी चाहिए डीज आर डी अदर थ्री बुक्स रिटन हिंदू 123 जो धोनी एंटरटेनमेंट ने साइन कर ली है और उसकी मूवी आने वाली है सो प्लीज बी यू नो तूने पर डेट सबसे पहले तो आपकी दादी के चरण स्पर्श सबसे पहले दूसरा बुक पे बात हो रही तो मैं एक मिनट में आपको बता देता हूं की बुक का आइडिया क्या है अघोरी समस्या ना हम लोग सब तो एक अघोरी पकड़ में है 2020 में जो यह
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का रहा है की मैं सतयुग से देवभूमि भारत में हूं ना मेरी उम्र बढ़नी है ना मैं मरता हूं मैं चारों युग जी चुका हूं बिना मारे मैं रामायण का हिस्सा भी था और महाभारत का भी मैं राम से भी मिला और कृष्णा से भी मगर उसके बड़े में दुनिया ने अब तक सुना नहीं है और अभी तक आई वज हिडन इन डी पेज ऑफ पेस्ट अब तक मैं इतिहास के पन्नों में छुपा हुआ था अब पकड़ में आया हूं क्योंकि मैं उन साथ चिरंजीवी को ढूंढ रहा हूं तो यह कहानी का वन लाइनर है फिर कहानी जैसे जैसे खोल है इसमें बहुत कुछ आता है ये भाई साहब तो स्पॉयलर पे स्पॉयलर दिया जा रहा है की साथ चिरंजीवी
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भी आते हैं और क्या-क्या होता है मैं ऐसा कुछ नहीं करूंगा नहीं मैं मजाक कर रहा हूं मैंने अभी तक फेसबुक खत्म नहीं की है तो मैं तो सिर्फ वही बता रहा था जो दादी जी ने बताया मुझे और सातवीं का भी जब मेरी तीनों बुक दिखा रहे थे ना तो उल्टी दिखा रहे थे तो उसको पहले सीधा दिखाओ तो तो सेकंड बुक दिस इस डी थर्ड बुक अब भी जाके या अभी भी आप अमेजॉन पे फटाफट ऑर्डर कर सकते हैं हम थोड़े से इसमें अंदर की र गए की आज पब्लिशर के पास बुक रीडली अवेलेबल स्टॉक नहीं थी वरना आज साइनिंग भी हो जाति है सर के साथ कोई नहीं नेक्स्ट है इसमें शिवाजी है और एक थ्री शिवा जी की
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पूजा कर रही है और इसमें हम लोग एक सबसे पॉपुलर चीज सुनते हैं वह है श्रवण सोमवार का व्रत यह चीज मुझे तो एकदम सबसे पहले ध्यान में आई है जब मैं श्रवण मास सुनता हूं तो उसे पर कुछ तुम व्रत रख रहे हो की नहीं रख रहे हो नहीं रखा है ना एक तो संडे का दिन है ना और मैं ऐसे कई सभा अटेंड कर चुका हूं बड़ा सीरियस होता है है ना तो वो ऐसा लगता है की है ना तो एक ही दिन तो हम सबको मिलता है आराम करने के लिए तो हम लोग बात करेंगे कम की भी बात करेंगे लेकिन थोड़ा लाइट मोहन राहत है ना तो सुनने और सुनने दोनों को मजा आता है तो आपने श्रवण मास की बात पूछी
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है तो वहीं से शुरू करते हैं मेरे को पुरी उम्मीद है की उसके बाद आप सोमवार व्रत रखना शुरू करेंगे बट अभी तो खत्म होने में ए गया अगले साल रख लेना की मैं गूगल हूं तो जरूरी नहीं की मुझे हर सवाल का जवाब बताओ जो थोड़ा बहुत पता है इत्तेफाक से जो सवाल पूछे जाते हैं उसका जवाब पता होता है तो मैं बोल देता हूं कुछ चीज अच्छी ग जाति है ज्यादा अच्छी है अच्छी ग जाति है राजा दक्ष थे विष्णु के बहुत बड़े विष्णु जी को बहुत पूछते थे उनके हिसाब से शिवा भगवान ही नहीं थे सभी भी बहुत लोग हैं जिनके लिए साइन बाबा भगवान ही नहीं है उनमें से एक आपके सामने बैठा है मैं
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तो मेरे लिए थर्सडे मतलब विष्णु जी का दिन है मेरे को प्रॉब्लम नहीं है साइन जी साइन भगवान साइन बाबा से लेकिन अपनी अपनी मान्यता है तो वैसी राजा दक्ष जो थे उनकी मान्यता थी की विष्णु ही इसे डी अल्टीमेट गॉड बाकी कोई कुछ है नहीं और राजा तक छह कौन राजा दक्ष थे ब्रह्मा के पुत्र मांस पुत्र भी बोलते हैं ब्रह्मा के पुत्र थे तो उनकी बिटिया थी वह थी उनका नाम था सती तो उनको प्रेम हो गया एक अघोरी से बहुत ही अजीब दिखने वाले नहीं नहाने वाले जाता रखना वाले कम कपड़े पहने वाले बेल पे घूमने वाले सांप को लड़ने वाले टाइप की एक शख्स और उनको पूछने ग गई तो फिर
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फादर आर ऑलवेज फादर नो उनको पता चाहिए सब कौन है लड़का क्या करता है किन के साथ उठाता बैठता है क्या खाता पिता है तो सब जब पता करने निकले तो पता चला भूत पिशाच हर तरीके का सब चीजों का सेवन तो पार्टी टाइम दे ही नहीं सकता अपनी बेटियां इस तरीके के व्यक्ति को जैसे-तैसे शादी वादी सब हो गई तो राजा दक्ष के लिए विष्णु ही इकलौते गॉड थे भगवान जो आमतौर पर लव मैरिज में पिता और पुत्री का रिश्ता हो जाता है कुछ सालों के लिए फिर चीज ठीक होने ग जाति है तो यहां भी चीज ठीक होने ग गई थी तो एक ऐसा ऐसी पूजा थी विष्णु जी की पूजा थी और भी बहुत सारे
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देवता गाना आने वाले थे उसमें सबको बुलाया गया उसमें शिवा जी को नहीं बुलाया गया तो छाती जा रही थी तो सती बोलने की आप चलिए मेरे को बुलाया नहीं गया तेरस्कर होता है आपको आना है आप मेरे पति हैं आपको आना है अपनी पत्नी का मां रखना के लिए उनकी बात रखना के लिए ठीक है मैं ए जाऊंगा जब वहां पहुंचे तो राजा दक्ष ने मतलब फादर इन डॉ ऑफ शिवा ने बहुत तिरस्कार कर दिया वो इतना इंसल्ट किया की सती ले नहीं पे उसको तो सती ने कर लिया की मैं आई कनॉट मैं इससे ज्यादा ले नहीं पाऊंगी और मेरे सामने इतना तिरस्कार हो गया अब वह बोलते ना की मैथमेटिक्स में पटना प्लस
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प्लस माइंस जो घर में इतनी ओपन है की वह अपने फादर के साथ बैठकर ड्रिंक भी करती हैं घुंघट तो कोई नहीं डालता और वही लोग अपने हसबैंड के साथ बिल्डिंग करते हैं लेकिन फिर भी कम से कम हम लोग के संस्कार में इतना बच्चा हुआ है की वही लड़की जो बड़े ओपनली अपने फादर के साथ भी बैठ पाती और अपने पति की शादी बैठ पाती जब ये दोनों होते हैं तो घुंघट कर लेती है ना तो वह प्लस प्लस माइंस बोलिए माइंस माइंस प्लस बोल लीजिए बात वही है की दोनों जब एक साइड होते हैं तो थर्ड साइड चेंज हो जाता है तो वह ले नहीं का रही थी इनको कुछ बोल नहीं शक्ति उनको कुछ बोल नहीं शक्ति
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उन्होंने कहा ली है उनके जलते हुए पार्थिव शरीर को शिवाजी ने हार्ट थे इतनी तकलीफ में थे की वो लेक पृथ्वी का भ्रमण करने लगे और उनके शरीर का अलग-अलग अंग जल के अलग-अलग जगह पर गिरा उसमें से जहां पर सर और धड़ गिरा उन दोनों जगह का नाम है अंबिकापुर और रतनपुर महामाया मैं के नाम से उनका मंदिर है यह रतनपुर अंबिकापुर दोनों छत्तीसगढ़ में मेरी पैदाइश अंबिकापुर की जहां सती के शरीर का हिस्सा गिरा है और वह छोटा सा गांव है जहां से मैं आता हूं मैं श्रवण की कर रहा हूं पर बीच-बीच में जैसा मैंने बोला लाइट रखेंगे तो हमारे गांव में कुछ लाइन चलती हैं ओरिजिनल लैंग्वेज में
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पर आपको आराम से समझ में ए जाएगा और आपको यह भी समझ में ए जाएगा की यह गवारा कहां से आया तो लाइन कुछ ऐसे है की छोटे-छोटे गांव में खोल दें स्कूल गुरुजी छोटे-छोटे गांव में खोल दें स्कूल जी 500 कक्षा एक तो गुरुजी वही है मास्टर और रूही है चपरासी स्कूल में शिक्षक ले फैंसी दे दिन बच्चा बनाए उसे दिन शिक्षक मान्य है जय दिन शिक्षक मनाया दिन छुट्टी तो इस तरीके के स्कूल में मेरी पढ़ाई शुरू हुई थी अब आप सोचिए ऐसे स्कूल में कोई फेल हो सकता है मैं वहां शुरू से बचपन से यह सब कहानी बहुत साड़ी सनी सुने सी हैं तो जब यह सब हो गया उसके
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बाद बड़े उपयोग में चले गए शिवा जी हमारे दिल एक बार टूट जाता है ब्रेकअप हो जाता है की प्यार में सब गलत चीज है आज के बाद तो प्यार में पढ़ने ही नहीं है तो शिवा जी ने बहुत ज्यादा हद तक हम जैसे ही हैं और वह प्यार हुआ है उनको गुस्सा आया है उन्होंने बिच्छू देखा है उन्होंने वो दुख देखा है सब इंसल्ट हुआ है तो उन्होंने माना लिया की अब मेरे को कभी शादी-वादी प्यार वायर नहीं होगी बहुत साल बाद सती का जो पुनर्जन्म हुआ वह थी पार्वती और पार्वती जब हुई तो पार्वती को फिर से इस शिवा से प्रेम हो गया लेकिन शिवा उसे समय उसे जॉन में थे
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ब्रेकअप जॉन में थे की मेरे को तो करना ही नहीं है यह सब मैं तो मेडीटते करूंगा और वैसे ही जैसा मैं हूं ऐसा मैं हूं तो पार्वती जी ने जो इतने समय तक तपस्या किया उनकी पूजा की वो जो वक्त था वो था श्रवण मास का वह जो दो साल दो महीने का जो एक वक्त है उसे समय उन्होंने बहुत पूजा की और उसे समय फाइनली शिवाजी खुश हुए इस बात से तो वह जब खुश हुए पार्वती और शिवा वापस एक साथ आता है वह समय था श्रवण मास तो तब से यह जो आपने फोटो मुझे दिखाई ना वह वह डिपिक्शन है पार्वती का शिवलिंग की पूजा करते हुए तो हर वह लड़की जो सिर्फ पन चाहती है वह सावन
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के सोमवार को ज्यादा अहमियत देकर उसे समय शिवलिंग की और शिवा जी की पूजा करती है तो शिवा शक्ति शिवा शक्ति साथ में आए इसलिए वह शादी का भी एक सिंबल हो उसे समय चीज अच्छी होती है और उसे समय शिवा जी के मान्यता बड़ी रहती है दूसरी कहानी है की अमृत मंथन सागर मंथन सुना होगा हम सब ने सागर मंथन का जो पूरा खेल चल रहा था उसमें 14 चीज निकली थी जिसमें से एक निकाला था विश्व जिसको हला-हल भी कहते हैं तो शिवा जी वह थे जिन्होंने विश्व को पी लिया था गले में रॉक लिया था इसलिए उनका नाम नीलकंठ पड़ा यह वाला जो पूरा प्रकरण है की उन्होंने
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विश्व किया और उनका नाम नीलकंठ पड़ा ये वाला पूरा प्रकरण भी श्रवण मास के समय ही हुआ था तो भक्तों के तोर पे मतलब आप देखेंगे तो उसे समय क्या हुआ था की विश्व सागर मंथन का एक रूल था की जो चीज निकली है जब तक आप उसको ग्रहण नहीं करेंगे अगली चीज नहीं निकलेगी तो ऐसा नहीं की आपने ये निकाला सागर में अपने साइड रख दिया बोले आप देखते हैं और क्या निकलेगा यू हैव तू कंज्यूम संबदी आई हैव तू कंज्यूम आईटी और तब तक अमृत कलश लेक धनवंतरी निकले नहीं थे तो बात यह थी की इसको जब तक कंज्यूम नहीं करोगे अगला निकलेगा नहीं और अमृत पिया नहीं है तो जो हल्ला-हल जो विश्व पिएगा वो
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तो साफ हो जाएगा तो जब वो रहेगा क्या वो तो निकाल लिया उसे समय शिवा जी ने बोला था इन सब का संकट मोचन बने वाले उसे समय शिवा थे की सारे दायित्व दानव रक्षा और इधर सारे और उन सब के लिए बोले कोई बात नहीं तुम लोग सब का यह जो एक परेशानी है ना इसको मैं हर लूंगा तो आज की डेट में श्रवण मास का जो समय है उसकी दूसरी कहानी है की अगर आप भक्ति हैं और आप इस समय भक्ति भाव से चीज करेंगे तो शिवा जी आपकी साड़ी दिक्कत तकलीफ है अपने कंठ में उतार के हम लोग का कलर रोना भी नहीं छह रहे हैं और आपको रोना भी ए रहा है और आप दुखी भी नहीं है पर वह जो
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कंठ में हो जो तकलीफ होती है ना उसे तकलीफ को हर लेट है शिवा अगर आप उसके अच्छे भक्ति हैं और मेरे को तो बहुत अच्छे से पता है की गले में कैसा दिखता है क्योंकि मेरा सरनेम गुप्ता है श्रवण मास की स्टोरी थी की हम लोग जो नॉनवेज खाता हैं वह बैंड कर देते हैं बिकॉज़ एक बहुत आम चीज है की वह रिप्रोडक्शन साइकिल चल रहा होता है ऐसा कुछ है हालांकि मैं इस यह साइंटिफिकली सच है लेकिन मैं इस बात से बहुत ना इत्तेफाकी रखना हूं उसके लिए मैं क्षमा चाहता हूं आप लोगों से की वो बोलते हैं ना की साल भर कई लोग हैं की नहीं मैं सोमवार को सोमवार को
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मैं नॉनवेज नहीं खाता हूं सोमवार को मैं ड्रिंक नहीं करता कुछ लोग मंगलवार पढ़ते हैं कुछ लोग बुधवार पढ़ते हैं है ना तो बुधवार किसको दिन होता है गणेश जी का सोमवार शिवा जी का तो मेरे को यह लगता है की अगर आप नॉनवेज खाना पसंद करते हैं मैं प्रमोट नहीं कर रहा हूं पर जो लोग करते हैं आप और आप बोलते हो की सोमवार को मैं नॉनवेज नहीं खाऊंगा क्योंकि शिवा जी का दिन है तो हमको क्या लगता है की मंगलवार को शिवा जी सोनी चले जाते हैं रोज है ना वो तो और हम लोगों का तो ऐसे भी मानना है की हमारे भगवान छोटे हैं मैं क्रॉस करते-करते गलती से
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मेरा हाथ या पर आपके ऊपर ग जाएगा तो मैं तो ऐसे कर ही लूंगा ना मैं अभी वॉलेट खोलेगा मैं नहीं बताऊंगा उसमें कितना पैसा लेकिन मैं वॉलेट खोलेगा उसमें से एक सिक्का गिरेगी तो उसको तो मैं सर पे लगा ही लूंगा ना तो वो लक्ष्मी है तो यह तो मतलब यह जो बीच वाला मामला है ना वह हम अभी कृष्णा की कहानी पर जाएंगे तो भी एक कहानी उसमें आएगी लेकिन हम आई थिंक अब मैं फिर बोल रहा हूं ये मेरी सोच है मैं इसको अप्लाई करता हूं हमको क्लियर होना चाहिए या तो मत खाओ या का रहे हो तो फिर रोज खाओ जब मां करें खाओ मां मार के आपको खाना है आपका मां है खाने का लेकिन
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आप इसलिए ना करें नहीं नहीं आज तो सोमवार है तो फिर वह आप असली श्रद्धा भक्ति से तो नहीं कर रहे हैं ना मां तो है यार लेकिन आज ओवर है कल सुबह उठाते साथ का लूंगा अरे अभी का लो भाई शिवाजी अगर कल नाराज नहीं होंगे तो आज भी नाराज नहीं होंगे और अगर आज जागे हुए तो कल भी जागे हुए तो उनको नाराज होना होगा तो तुम मंगलवार को खाओगे तो भी उनको बड़ा ग जाएगा तो जन्माष्टमी लड्डू गोपाल या उसे टाइम पर सब लोग अपने बच्चों को ड्रेस अप करते हैं अगर वह एकदम ही न्यूबॉर्न होते हैं या टॉडलर टाइप भी नहीं होते उनको झूले में झूलते हैं और अगर वह थोड़े से बड़े होते
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तो उनको थोड़ा माखन चोर वाले वेशभूषा में डालते हैं तो इसका क्या एक करेज है जो अपने में आपने दो चीज बोली सात्विक पहले आपने बोला की उनको ड्रेस अप करते हैं ना दूसरा आपने बोला माखन चोर मैं इन दोनों पे ना आपको एक-एक छोटी-छोटी सी दो-दो लाइन की कहानी सुनता हूं कुछ को पता होगा कुछ को नहीं भी पता होगा जिनको नहीं पता वह उनको ज्यादा मजा आएगा कितने लोग हैं जिनको घर में बचपन में लड़की का ड्रेस पहनाया है ना लगभग सब को पहनाया है ना पता नहीं क्यों एक बार ऐसे बिंदी टिकली लगाके और फ्रॉक पहने खड़ा कर देते हैं फोटो खींच लेते हैं फिर हम बड़े हो जाते तो हमारी
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साड़ी गर्लफ्रेंड्स को दिखाए जाता है उसके बाद फिर हमारी वाइफ को दिखाए जाए तो फिर हमारे बच्चों को दिखाए जा| मुझे तो मेरी बहन के ज़िद पर किया था किसी के भी हुआ है ना हां यह भी ए गई लास्ट टाइम इसके पीछे भी करण है ऐसे ही नहीं लड़कों को लड़की बनके एक बार तैयार कर दिया जाता है इसके पीछे एक बड़ी प्यारी सी कहानी है की जब कंस लगातार एक-एक करके यू नो असुरों को और राक्षसों को भेज रहा था की कृष्णा करके गोकुल में एक बच्चा है उसको खत्म करो उसको मारो ये जब बार-बार होने ग गया था तो उनकी मां ने सोचा की मैं ब्लड कर दूंगी मैं राक्षसों को ब्लड कर दूंगी तो रक्षा
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क्या होते हैं हमारे थॉट में रक्षा मतलब नेगेटिव एनर्जी नेगेटिव होगा और तो उसको डॉक करने के लिए कृष्णा जी की मम्मी ने मदर ने उनको वो फ्रॉक और पहने के की कोई आएगा यह तो लड़की है यह तो लड़का है नहीं तो यह कृष्णा नहीं हो सकता तो कहानी और चला जाएगा यह थॉट से जो हुआ था ना उसे चीज को हमारे साथ प्रॉब्लम यही है की ना हम लोगों को बहुत साड़ी बटन का बैक स्टोरी नहीं पता और हम बिना बैक स्टोरी जानते जब करते हैं ना तो वह मजाक बन जाता लेकिन वह बहुत साड़ी चीज हर चीज के पीछे एक कहानी है और इसके पीछे कहानी देखिए हम हम में से कोई पुरुष इस बात से इनकार नहीं
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कर सकता है की हर पुरुष में महिला कांस्टेबल एक महिला में मैं पुरुष कंज हो ना हो लेकिन एक पुरुष में महिला कांच है ही है इसीलिए तो अर्धनारीश्वर अभी हम शिवा जी की बात कर रहे हैं तो अर्धनारीश्वर मतलब यही बताया गया ना की भाई कोई भी संपूर्ण पुरुष हो ही नहीं सकता उसमें महिला का अंश होगा तो वो भी एक बात है की आपको बचपन में सिर्फ रा को पहने दिया जाता है तो यू शुड नो योर फेमिनिन साइड अलसो तो वह हमको चाहिए लड़के रोटी नहीं हैं अब जब रोना है मस्त अपनी फ्रॉक वाली तस्वीर जोर जोर सब ठीक है तो नेगेटिव को डॉक करने के लिए हम लोगों को जैसे कल टीका
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लगाते हैं वो उसका एक फर्जी रेस्ट ऑफ योर लाइफ वो एक तरीका है की आज की डेट में कोई ऐसी चीज आकर आपसे चिपक जाए जो जीवन पर्यंत आपके साथ चले उसको अभी डॉक करने के लिए वो बच्चे शगुन ने एक प्रथम है दूसरी कहानी आपने बोला माखन चोर कृष्णा जी जो थे हमने यह सुना है की वह वालों के साथ माखन चुराते थे और का लेते थे फिर वो यशोदा मैया आई थी साड़ी मटकी जो मक्खन चुराते थे ग्वालियर तो अपना अपना हिस्सा ले जाते थे कृष्णा बहुत थोड़ा सा मक्खन खाता थे वह बाकी का पूरा मक्खन बंदरों में बांट देते थे तो जब बाद में उनसे पूछा गया है की इतने सारे जानवर छोड़कर बंदरों को ही क्यों
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देते हो तो कृष्णा वह अवतार है जिनको पता था की मैं विष्णु अवतार हूं तो उनको पता था की इस जन्म के पहले मैं था तुमको वो बोलते थे की मेरे राम कृष्णा खुद बोलते थे की मेरे राम की बड़ी मदद की थी बंदरों ने सीता तक पहुंचने में तो वो ही मतलब अगले जन्म तक ही वह ग्रेटफुल तू डी कलन ऑफ मंकीस तो वो मक्खन उनको देते थे की भाई मेरे राम का जो तुमने मेरे राम की जो मदद की थी आई एम स्टील ग्रेट फूल हम लोग तो इसी जीवन कल में ग्रैटेफूलनेस थैंक्स एक बार थैंक यू बोलकर खत्म हो जाता हूं मामला तो यह माखन चोर के पीछे की बड़ी प्यारी सी कहानी जो कम लोगों को पता है
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थोड़ा सा मूव ऑन करते हैं फ्रॉम डी चाइल्डहुड बिकॉज़ हम लोगों ने मैक्सिमम जो स्टोरी अच्छी मूवी अच्छी है वो ज्यादातर उनके बर्थ से और कंस की मृत्यु तक होती है बट कंस की मृत्यु के बाद एक बहुत इंटरेस्टिंग चीज होती है वह है की क्या थे किंगडम के किंग थे आर्मी बहुत बड़ी थी और जो रणछोड़ दास नाम था कृष्णा जी का वह उससे तो कुछ आता उसके बड़े में कुछ तो रंजू आप हम लोग भी सपना बहुत बड़ी एक सिख है देखिए सीखे है की हमेशा युद्ध ही हर चीज का सॉल्यूशन नहीं होता है किसी ने सॉल्यूशन बोला था थैंक यू हर चीज का समाधान युद्ध नहीं होता है और
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युद्ध से लोग पीछे ही जाते हैं आगे नहीं बढ़ते हैं यह चीज हम लोगों को हमारे समाज को मैं हिंदू समाज की बात कर रहा हूं हम लोगों को इतने ज्यादा अच्छे से शिखा दिया गया है की हमको लगता है की युद्ध कभी जरूरी ही नहीं होता है तो यह जो यह जो द्वंद था वो इस बात का था की युद्ध करें या ना करें तो उसके पीछे और बहुत साड़ी कहानी आपको कल ही पट्टू सुना है किसी ने कृष्णा जी दुनिया मतलब गैलरी पट्टू को याद करने वाले इन्वेंट करने वाले कृष्णा थे वह सबसे पहले इस फॉर्म ऑफ फाइट को तैयार किया थे और आप जब कुछ सीखने हैं तो सबसे पहले किसको सीखने हैं अपने लोगों
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है तो उन्होंने सिखाया था अपनी सी को वह सी कौन थी नारायणी सी अब कृष्णा कौन है नारायण का रूप है तो सी का नाम और कुछ तो हो ही नहीं सकता था तो वह नाम था नारायणी सी इसलिए जब महाभारत का समय आया तो दुर्योधन ने बोला मेरे को नारायणी सी दे दो क्योंकि उसे समय जितने भी राज्य और जितनी भी आर्मी सी उसमें नारायणी सी से ज्यादा खतरनाक कोई वो नहीं थे और नारायणी सी में ज्यादातर थे यादव तो यादव वैसे थे की मतलब आप आप समुराई निंजा जो हम लोग को ज्यादा समझ में आता है आप समुराई निंजा को यह बोल रहे हैं की स्टेप बैक रिट्वीट कर लो फाइट्स भाग जो तो
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वह नहीं भागेगा ना जापानी में आज भी ऐसा है की या तो जीतेंगे या तो मारेंगे वो अपना गला कैट देते थे लेकिन पीछे नहीं आते थे यादव समाज उसे समय जो था जिन जो बेस्ट फाइटर थे नारायणी सी के उनको उनके राजा कृष्णा बोल रहे हैं की लाडो मत चलो छोड़ देते हैं पूरा राज्य छोड़ देते हैं चलो और वह ऐसे हो गए थे की हम पीछे नहीं हटेंगे हम लड़ते लड़ते मा जाएंगे लेकिन पीछे नहीं हटेंगे और तब कृष्णा ने बोला था की हमेशा युद्ध जो है वो समाधान नहीं होता है की अगर युद्ध में अगर अपने आप को झोंकते रहेंगे तो प्रोग्रेस कब करेंगे यह उसे समय उसे एक इंसिडेंट के लिए सही था
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लेकिन अब नहीं है क्योंकि हम प्रोग्रेस के पीछे इतना भाग रहे हैं की हम को कमजोर मां लिया गया है तो हम कृष्णा ने अनगिनत युद्ध की हैं अपने जीवन कल में लेकिन वह युद्ध से वह पीछे हते थे क्योंकि उसे समय की जरूर हर समय की जरूर बदलती रहती है ना समय के साथ तो उसे समय की जरूर युद्ध नहीं थी उसे समय की जरूर थी की आप यहां से हते और दूसरी जगह जाकर अपने आप को एस्टेब्लिश करें प्रोग्रेस करें तो आज आज तक यादव क्लाइंट ऐसा माना जाता है की यादव प्लेन आज तक इसलिए है क्योंकि उसे समय कृष्णा ने ये ब्लेम अपने ऊपर लिया था की यह रन छोड़
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रहा था बोले आपको जाना है तो जाइए हम नहीं जाएंगे द्वारका आपके साथ हम नहीं छोड़ेंगे ये धरती तो उसे समय गुस्से से कृष्णा जी ने अपनी शक्ति से बहुत सारे बॉल्स बहुत सारे भेड़िए खड़े कर दिए थे की तुम लोग चलते हो की मैं इसे कटवा हूं मतलब यह मार देंगे तुमको तो जरा सुन तो बाद में आएगा उसके पहले तो हम फिल्मों में विलन ऐसे देखते हैं ना की वहां लड़ेगा नहीं तो मैं ही मार दूंगा तो वह उल्टा था की यहां से बिना लड़ाई नहीं जाओगे तो मैं मार दूंगा तो उसके करण अलग-अलग कहानी में उनकी बदनामी भी होती है की रन छोड़ दास लेकिन कई बार क्रिकेट हम लोग को देखना पसंद है हर शॉर्ट
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फ्रंट फुट पर थोड़ी ना माना जाता है कई शॉट के लिए पीछे हटाना पड़ता है बैक फुट लेना शेर बहुत सारे जानवर पहले कर कम पीछे जाते हैं फिर हमला करते हैं तो यह समय-समय की बात है समय को समझना सबसे ज्यादा जरूरी होता है बजे की आप बस आंख उनके शक्ति का प्रदर्शन करने के लिए कूद जैन जिंदा रहेंगे तो लड़ेंगे संगठित रहेंगे तो मजबूत होंगे तो उसे समय की जरूर होती है उन्होंने किया और यह जो 17 बार लाड लिए जरासंध से फिर इन्होंने सुद्दनली डिसाइड किया जो भी आपने अभी परफेक्ट स्टोरी बताई उन्होंने इतना दृष्टिक लोकेशन द्वारका चुनाव उसमें
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ट्रैवल के अंदर इतनी मृत्यु हुई तो उनका जस्टिफिकेशन क्या लेवल पर था की मतलब उनका नाम खराब हुआ होगा थोड़ा एक तो रणछोड़ दास वाला चीज हो गया और दूसरा इतना दृष्टिक स्टेप ले लिया देखिए अगर मेरा मेरे पड़ोसी से नहीं पढ़ रही है ना मैं बिल्डिंग की बात कर रहा हूं तो मैं फ्लोर चेंज कर लूंगा तो भी फाइट होगा क्योंकि वह लिफ्ट से एक फ्लोर या सीधी से तीन फ्लोर उतार जाएगा वह बुराई करेगा तो पुरी बिल्डिंग में करेगा मैं बगल बिल्डिंग में जाकर शिफ्ट होना तो भी बुराई पहुंचेगी तो अगर मुझे सच में आपसे नहीं लड़ना है ना तो मैं इतना डिस्टेंस ले लूंगा की आप कोशिश करके
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भी मुझमें तक मुझमें तक ना पहुंच पे कश्मीर बहुत बड़ा उदाहरण है तो यह नहीं बोला गया था ना कश्मीर में की एक कम करो यह एक गांव छोड़के बगल गांव में शिफ्ट हो जो बोला गया था पूरा राज्य छोड़ो और लोगों के पलायन में उसे समय मृत्यु बहुत नॉर्मल बात थी क्योंकि मेडिकल फैसेलिटीज इतने नहीं थे आपके पास ट्रेन फ्लाइट थोड़ी ना होती थी आप रास्तों से जा रहे हैं रात को सोना कहां नहीं पता ऐसे होटल और फाइव स्टार होटल नहीं होते थे तो प्रेग्नेंट वूमेन होगी तो उसके लिए सफर तक है बुजुर्ग आदमी है तो उसके लिए इतना लंबा सफर मुश्किल है लेकिन बात यह है ना की
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अगर वहां रुक के 100 के 100 मा रहे थे तो सफर में 10 मारे तो 90 तो बच्चे ना है तो 90 को बचाने के लिए 10 का मरना पड़ेगा तो मरना पड़ेगा क्योंकि अगर कोई नहीं लगा तो 100 के 100 हो जाएंगे तो दाग अच्छे हैं और यह जो एक इंटरेस्टिंग चीज रही है कृष्णा जी के लाइफ में की वो टीनएज के पहले तक काफी चंचल मस्तीखोर शरारती आ हमेशा रक्सन से लड़ते थे वो तो अपनी लाइफ बचाने के लिए गोपियों के साथ राज रचते थे माखन खाता थे गायों के साथ उनके बीच में फ्लड बजाते थे ऐसी स्टोरी ज्यादा उनकी इमेज ऐसी है बट उसके बाद में सुद्दनली जब टीनएज उनका क्रॉस हो जाता है या रफले टुवर्ड्स और ऑफ
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आईटी उनका एक सदन चेंज है जहां पर वह एकदम से ही पॉलिटिक्स धर्म और एक जो द्रोणाचार्य के एग्जांपल है की सिर्फ कृष्णा के नाम पर शिखंडी को अपना शिष्य बना लिया जबकि उनसे कभी मिले नहीं थे तो ऐसी नॉरेटिव कृष्णा की यह क्या थी और कैसे बनी रीजंस क्या थे कृष्णा के ट्रांसपोर्टेशन के लिए भी देखिए हमारी सभी कहानियां के विषय में बहुत सारे लॉजिक सर रीजंस होते हैं मैं 12th क्लास में था और हमारे डायट के दोस्त थे फैमिली फ्रेंड्स थे मैं मेरा परिवार अंबिकापुर में रहते थे उनका परिवार पास के कस्बे में राहत था हर गर्मी छुट्टी में वहां जाते थे जब आप
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अपने बचपन के किसी घर जाते ना तो आप में बचपन बहुत ए जाता है क्योंकि आपको ऐसा लगता है ना मामा तो वहां पर आप जानबूझकर भी बचकानी हरकतें कर लेते हैं की ठीक है घर ही तो है तो 12th क्लास की छुट्टी में मैं वहां गया था और मैं वैसे ही मस्ती कर रहा था खेल रहा था हाफ पेंट पहन के घूम रहा था जो भी कर रहा था तो उसे घर की जो लेडी थी उन्होंने मेरे माता-पिता को बोला की यह बड़ा हो गया इसका बचपन ए गया नहीं अभी तक मेरे माता-पिता को बहुत बड़ा लगा था बड़ा यह नहीं लगा की ऐसा क्यों बोला बड़ा लगा की बात तो सही है और वह मुझको बिठाकर समझे थे बेटा देखो
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हर चीज ना एक उम्र तक अच्छी लगती है उसके बाद है अपने उम्र का ख्याल रखें उसे हिसाब से बात करना उसे हिसाब से आपकी चल दाल होना जब आप बड़े हो गए हो तो ऐसे नादान मत घूमो की मामा है मानी है मासी है तुम बड़े हो गए हो यार वो जो भी है तो यह इसमें तो बहुत प्यारी सी बात है की भाई एक उम्र के बाद आपको खुद समझना पड़ता है की आप आप बादल जो क्योंकि आप एक बच्चा चोरी करता ना तो आपको प्यार आता है एक बड़ा चोरी करता ना तो रोड में पति जाता है ना तो वह यह नहीं बोल सकता की अरे मैं तो मक्खन चूड़ा रहा था आप जाइए गुप्ता जनरल स्टोर से अमूल बटर चूड़ा के बताइए
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देखिए क्या हालात करते गुप्ता जी आपकी है ना तो वो हर चीज एक वक्त के साथ ही अच्छा लगता है एक वक्त के साथ ही खत्म हो वो भी जाना चाहिए तो खैर वो कहानी कहानी आगे मैं आपको सुना दूंगा पर अभी आप बताइए कृष्णा जी की जैसे रुक्मणी हो गया बहुत साड़ी अलग-अलग स्टोरी है जहां पर उनकी 16000 रानियां कैसे बनी पर मेरा एक बहुत कहानी की तरह की स्थापना कृष्णा जी ने लास्ट में पांडवों के थ्रू करने की सूची [संगीत] वन ऑफ डी ग्रेटेस्ट यह प्रोबेबली बहुत सारे ओपिनियन में तो है
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डी ग्रेटेस्ट तो यह क्या रीजन रहा इन्हें कस किया देखिए पांडव और गौरव की जो पुरी कहानी है ना वो सिर्फ मध्य है हमको सही और गलत का दिशा करने का वो पांडव की जगह वो अल में तो छे भाई थे हां जी गौरव भी नहीं थे वो तो 100 के बाद एक बहन भी थी वो 101 थे तो यह मैं यह नहीं का रहा हूं की ये सब काल्पनिक कथा है लेकिन अभी सिद्धार्थ मुझको यहां तक ले के आए हैं तो हम यहां पहुंचने के तो कई रास्ते ले सकते थे सिद्धार्थ मेरे सारथी थे आज तो सिद्धार्थ जो रास्ता चुनाव मैं उसे रास्ते से आपके पास पहुंच गया लेकिन डेस्टिनेशन परपज क्या था समय पर यहां पहुंचाना जो हम
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नहीं पहुंच पे लेकिन परपस तो यही था ना की इस जगह पर आना है आप लोगों से भेंट करनी तो इससे नहीं फर्क पड़ता मेरे हिसाब से की वह पांडव और कौरव वह कोई भी होता लेकिन कृष्णा का जो परपज था यहां आना और आपको और मुझे कुछ समझना जी वजह से आज भी हम कृष्णा की बात कर रहे हैं वह तो वह कर गए ना है तो मैं मजाक में बोलना हूं की गया पानी भैंस में तो मेरी मां बोलती गलत बोलते हो गई भैंस पानी में तो मैं बोलना हूं पानी बहस में क्या भैंस पानी में है भैंस तो गली हो गई ना आपको समझ में ए गई ना बात तो बस बात ये है की इनको जो अब देखिए एक अलग-अलग कहानी याद ए
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रही है मेरा कम ही स्टोरी टेलिंग है मैं कुछ चीज बता देता हूं जरूरी था की कृष्णा का साइड जीते हम लोग ने सुना है की हिस्ट्री इस रिटन बाय विनाश जो जीता है उसकी हिस्ट्री होती है ना अगर सेकंड वर्ल्ड वार में हिटलर जीत जाता तो वही वह पुरी हिस्ट्री लिखना तो हम आज कुछ और परदेसी में आप देखेंगे तो कुछ ग में लिखा हुआ है की अर्जुन और युधिष्ठिरून को मामा बोल कर बुलेट थे और दूसरी तरफ शकुनी कृष्णा का जितना कितना जरूरी था की हम सही रास्ते पर हैं आप और मैं सही रास्ते पर हैं की अगर शकुनी जीता और आप शकुनी का बैक स्टोरी
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की शकुनी क्यों छह रहा था यह सब खराब करना भीष्म पितामह ने गंधर्व नरेश कई लोग बोलते हैं की गंधार जो राज्य था वो आज के डेट में गंधर्व हो गया कंधार कंधार मतलब अफगानी स्थान वो छोटा सा एक राज्य था और भीष्म पितामह वहां पहुंचे और गंधार नरेश को बोले की आ है हस्तिनापुर कंपेरटिवली बड़ा रहा राज्य था तो बोले गुरु वंश की बहू बनेगी तुम्हारी बेटी और एक प्रॉब्लम है की धृतराष्ट्र है अंधा इतना छोटा राज्य था वो जो गंधार नरेश थे और मतलब जो गांधारी थी वो ऐसे देव सी टाइप थी नहीं बाहुबली की की मैं अपना तलवार भेज रही हूं नहीं हो पाया हो सब तो इनकी शादी
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हो गई दोनों की इस बात से शकुनी बहुत खफा थे बहुत विचलित है की ऐसे राजा से मेरे बहन की शादी कर दी ऊपर से फिर वो पट्टी बंद ली की मैं अभी दुनिया नहीं देखना चाहती हूं इनके बिना उसके पिता मां को पता चला की यह लोग तो मेरे साथ धोखा किया धोखा गया की गांधारी थी मांगलिक तो पहले एक बकरा से गांधारी की शादी कराई गई थी और गांधारी बकरा का सर कैट दिया गया था क्योंकि ऐसा था की यह मांगलिक है इसके पहले पति मा जाएगा तो बकरा से शादी करेगा की सर कैट दिए अब जब भीष्म पितामह आए गंगा पुत्र भीष्म तो उनको बना ही नहीं कुछ बोलते उन्होंने बोला जी उन्होंने ये बताया
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ही नहीं की ऐसा ऐसा इसके साथ कोई बैग स्टोरी ये जब भी पिता मां को बाद में पता चला तो ही फेल्ट चीटेड बोले यह बहुत गलत कर लिया है गंधार नरेश ने उसे समय अगर रूल ही होता था की अगर मैंने आपको अपने घर नहीं होता दिया है तो मैं आपकी टेबल पर आपके लिए जो परोस दूंगा आपको वही खाना पड़ेगा अब होता है ना क्या खाएंगे आप वेज खाएंगे नॉनवेज ये सब नहीं होता था ये रखा है ये खाना पड़ेगा नरेश को बोला की आप एक कम करिए अपने पूरे केन को लेकर आई हम आमंत्रित कर रहे हैं आपको आना पड़ा लड़की वाले भाई सारे के सारे ए गए उन सबको क्या खाएंगे रोज एक आदमी मा रहा था तो सब
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ने मिलकर डिसाइड किया की यार ऐसे तो सारे के सारे मा जाएंगे एक मुट्ठी चावल से एक ही इंसान का रोज का खाना हो सकता है हमारा अगला हमारे अगले पीढ़ी का जो प्रिंस है शकुनी उसको यह एक मुट्ठी चावल खिलाएंगे और बाकी मारेंगे हर दिन शकुनी बैठकर वह एक मुट्ठी चावल खाता था और हर दिन अपने एक प्रिज्म को मरता हुआ देखा था मरते मरते मरते मरते सारे खत्म हो गए आखरी में 2:00 बजे एक गंधार नरेश खुद और दूसरा उनका बेटा शकुनी शकुनी इस जय के अंदर आने के पहले बहुत बड़ा जुआ मतलब वो गेम ऑफ थ्रोंस में वो छुटकी था तेरियां तेरियां था जिन्होंने देखा है वो समझ गए मैं क्या बोल रहा हूं
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तो वह यश था तो जब यह दोनों बच्चे और राजा बहुत ही कमजोर हो गया था तो राजा ने बोला शकुनी मैं तुमको एक भीड़ देना चाहता हूं मेरे जी बोले खड़े हो जो पास मेरे पास आओ तो उसे पूरे कोई खट्टा करके राजा ने अपनी बेटे के घुटने पर लात मार दी उसका घटना टूट गया आपने मतलब मेरे अब मैं आपका बेटा हूं आपने मेरी घटना तोड़ दिया बोले हां बेटा तुम इतने बड़े यार सोना की जब तुम यहां से निकलोगे ना तो तुम भूल जाओगे की यहां रोज क्या हुआ हर कम जब तुम चलोगे ना लाकर तुमको दुखेगा तुमको पेन होगा तो तुमको याद आएगा की यहां हम सबके साथ क्या हुआ है और उसे सब का
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बदला तुमको लेना है क्योंकि उन सबके हिस का एक गाना चावल तुम खाए हो तुम ऋणी हो सबके और तुम्हारा परपज है कुर वंश को बर्बाद कर देना पहले तुम्हारी बहन के साथ गलत हुआ फिर तुम्हारे पूरे गुंडे के साथ गलत हुआ और बस तुम्हारे साथ गलत नहीं हो रहा था मैंने कर दिया तो अब लंगड़ा हर कम पर याद करो की क्या हुआ है लेकिन अब मैंने तुम्हारे साथ यह किया तो मैं तुमको सच में भी एक भेद दूंगा मेरे करने के बाद मेरी अंतेष्टि मत करना मेरे हड्डियों को तुमको जुआ खेलने बहुत शौक है ना मेरी हड्डियों का पास बना लेना जो मांगोगे मैं वही दूंगा इस पैसे से वह क्या हरण तक की कहानी बनी
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थी और वही शकुनी लगातार दुर्योधन को भड़का भड़का के महाभारत करवाया नहीं तो एक बार दे दूंगा पांडा तो नहीं करेंगे फाइट तो उसे समय भी समझाया क्योंकि शकुनी था की सबको मैं बर्बाद कर दूंगा है तो हम लोगों के आज की पीढ़ी का दर्शन ज्ञान इसमें महाभारत नहीं होने में भी क्योंकि कृष्णा जो एक इम्मोर्टल है जो एक बड़ी छवि है वो महाभारत के वजह से भी है आई थिंक मतलब जो एक लॉन्ग लास्टिंग उनका जो इंप्रेशन है तो अगर महाभारत नहीं होता तो वेस्ट इन डी धर्मसिंटरेस्ट बिकॉज़ धर्म भी तो है ही उधर देखिए धर्म के बिना धर्म
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हो ही नहीं सकता है जिसके बड़े में आपको नहीं पता इसलिए आप अंधेरे से डरते हैं लेकिन रोशनी की इज्जत आप सिर्फ तभी तक करते जब तक आपको अंधेरी से डर लगता है जैसे आप नाइट विजन गॉगल पहन लेते ना तो फिर आपको दे और नाइट का फर्क का कोई मतलब ही नहीं होता तो धर्म तो जरूरी है तो धर्म भी कम का नहीं है जाएगी क्योंकि धर्म लड़की से रहा आपकी राइट और रंग नहीं है रंग ही नहीं है तो फिर राइट तो कुछ बचेगा ही नहीं तो यह दोनों चीज इक्वली इंपॉर्टेंट है आप एक को रख के दूसरे को जान नहीं दे सकते हैं महाभारत बहुत पॉपुलर वन लाइन में कहा जाता है की आईटी इस एन फाइट विद इन डी फैमिली
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कौरव वर्सेस पांडव क्या यह इतनी छोटी फाइट थी बट इसको महाभारत कहा गया है लास्ट में बोलते सिर्फ पांच पांडव बचते हैं और कुछ और लोग बचते हैं चिरंजीवी बचते हैं एक्चुअल में क्या था ये मुझे लगता है की महाभारत को महाभारत उसके स्केल और साइज के लिए बाद में कहा गया है उसको पहले इसलिए कहा गया आप में से कोई ईमानदारी से का सकता है की जिसके घर के अंदर चाहे चाचा बड़े पापा और उनके पिता या आप में से जो मुझे उम्र में बड़े हैं उनके और उनके भाइयों में या आपकी मम्मी की साइड है आपकी पत्नी की साइड है आपकी बहन के घर में कहानी पर घर के अंदर अंदर विवाद नहीं
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चल रहा है यह मुझे पता ही नहीं क्या है सबके घर पर हुआ है ना तो जिसके जीवन में परिवार के अंदर जो क्लेश चला राहत है ना उसके लिए वही महाभारत आपकी महाभारत वही है तो इसमें उन्होंने पूरे परिवार और हर किरदार हर मामा से लेक मौसी से लेक सबको दाल दिया है बा का लड़का है कृष्णा करेक्ट तो यह सब को डाला इसलिए की आप अपने घर के अंदर के महाभारत में आपका सबसे बड़ा युद्ध वो है मेरे लिए सबसे बड़ा दुख हुआ है जो मेरा दुख है आपका दुख अल में उससे बड़ा होगा पर मेरे लिए मेरे ही दुख सबसे बड़ा है ना तो इसीलिए कई जगह कहा जाता है की घर में महाभारत की किताब ग्रंथ मत रखो हालांकि
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मैं इस बात से भी आपको किस किताब से क्या लेना हो तो आप डिसाइड करेंगे उसमें बहुत साड़ी अच्छी बात है भैया लेकिन यह जो महाभारत वाली सीन है ना मुझे लगता है की इसलिए महाभारत को महाभारत कहा गया क्योंकि वो हर घर की कहानी घर घर की कहानी घर घर की है हर घर में महाभारत चल रहा है अब वह तो बालवी हमारे पूर्वजों का किया वह सौ-सौ बच्चे नहीं कर रहे हैं नहीं तो हर घर में एक्चुअली महाभारत हो जाति उतने बच्चे होते तो बा के बच्चे मामा सभी हो ही जाता है ना एक महाभारत है की आप में से किसी ने भी शायद एक आदमी सुना होगा तो एक्चुअली करूंगा तो किसी के चेहरे पर देखो ना तो आप
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ऐसे कर देना बस करो तो मैं रुक जाऊंगा मत करना प्लीज चाहे जितना भी बर करें ओके गौरव और पांडव अपने अपनी सी का साइज बढ़ाने के लिए उसे समय के हर राजा के पास जा रहे थे उनको कन्वेंस करने के लिए की आप मेरे साइड से लाडो मैं आपको यह दूंगा मैं हूं धर्म मैं उधर चल रहा था तो कृष्णा गए ऐसी हर राजा के पास कृष्णा भी जा रहे थे पांडव भी जा रहे थे और लोग भी जा रहे थे तो सब लोग अपना अपना साइड कस कर रहे थे तो एक राजा थे गुड्डू पीके राजा उनके पास पहुंचे और बोले आप किसके साइड से लड़ेंगे गौरव तो उसने बोला की मैं किसी की साइड से नहीं लडूंगा लेकिन मैं दोनों डिसाइड हूं
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तो लिए यह कैसे मतलब कैसी उटपटांग बात कर रहे हो तुम तो देखिए जब इतने लाख लोग लड़ेंगे तो छोटी भी होंगे चोटिल होंगे तो उनको उपचार की जरूर पड़ेगी जब इतने लोग इतने लाख लोग रोज झांक कर जाएंगे युद्ध में तो लौटेंगे तो भूखे भी होंगे तो उनको खाने की भी जरूर पड़ेगी तो मैं और मेरी पुरी आर्मी जो है ना वो कैटरिंग का कम करेगा हम सबका खाना बनाएंगे और हम जो जिंदा लौटेंगे उनका उपचार करेंगे तो तब सबको समझ में आया यार यह भी सही है कोई तो चाहिए तो उनको वो कम दे दिया गया दो-तीन दिन नॉर्मल चला चौथ दिन से एक जादू होने ग गया वहां पे शिविर में
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जादू जादू से पूछा गया की तुमको कैसे पता राहत है की आज शाम को कितने लोग खाना खाएंगे कितने निपट लिए तो उन्होंने बोला बैठो राज राज की बात बताता हूं वो बोले की मैं कृष्णा के टेंट के बाहर एक पत्तल डन में उबली हुई मुंगफलियां रख देता हूं रात को वो जब सुबह उठाते हैं तो वो उसमें से कुछ मूंगफली का लेते हैं आप लोग जब युद्ध में जाते हैं तो मैं उसे धोने को उठाता हूं मैं गिनता हूं की उन्होंने कितनी मूंगफली खोल के उसके अंदर के डेन का लिए उन्होंने जितने डेन खाली होते हैं मैं उतने हजार लोग खाना कम बावत हूं
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तो उसे दिन का युद्ध शुरू होने के पहले कृष्णा उतने लोग को निगल चुके होते थे पहले ही और उससे उडुपी के राजा को पता चला था की आज इतने लोग का खाना कम बानो कृष्णा का गए खत्म तो इसलिए कृष्णा सीधे-सीधे युद्ध भी नहीं उतारे दो लोग जो सीधे-सीधे युद्ध में उतार जाते तो युद्ध शुरू होने के पहले खत्म हो जाता तो आपको महाभारत से जो सिख लेनी है वह नहीं मिल पाती एक थी कृष्णा इसलिए उन्होंने बोला मैं सारथी बनेगा मैं कोई हथियार उठवानी हालांकि गुस्से में एक बार उन्होंने हनुमान जी हां तो कुछ लोगों को शायद नहीं मालूम होगा की महाभारत में भी हनुमान जी
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का मस्त रोल था तो हुआ यह था की जब यह लोग वह वनवास तो नहीं क्या बोलते हैं उसको वो कैट रहे थे पांडव लोग छुपा अज्ञातवास में अज्ञातवास कैट रहे थे तो एक दिन भीम को गर्व हो गया था अपनी ताकत पे तो जा रहे थे तो एक बुध सा बंदर पड़ा हुआ था उसकी पूछ बड़ी लंबी थी बोले पूछड़ा मेरे को जाना है तो बुध बांदा बोला मैं बहुत तक गया हूं यार प्लीज तुम खुद ही बता लो क्योंकि उसे समय आज भी हम लोग बचपन में बोलते हैं ना किसी को लाना नहीं चाहिए तुम्हारा पूछ जाएगा भीम ने वो पूछ नहीं रहा उससे तो समझ में आया तो मेरे को समझने के लिए कोई बैठे हुए
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हैं की देखो मतलब एवरी फादर हस ए फादर फिर वो अपने रूप में उसके बाद अज्ञातवास खत्म हुआ उसके बाद जब महाभारत का युद्ध होने वाला था तो पांडवों को समझ में आएगी और हमारी हमारा काउंटिंग कम है हम शायद नहीं जीत पाएंगे उल्टा एक कृष्णा जी ने अपनी बेस्ट सी नारायणी सी भी उधर दे दी और खुद अपने लिए बोल दिया की मैंने हमें हत्यारी नहीं उठाऊंगा तो यह तो बहुत ही नुकसान वाला सौदा है तो भीम जाके अर्जुन को और कृष्णा को बताएं की ऐसा है की मेरे को मालूम है हनुमान जी कहां रहते हैं उनको अपने साइड ले और जीत जाएंगे पहुंच गए हनुमान जी को लेने वाले अब चलिए
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प्रभु हम धर्म है हमारे साइड से लड़ना पड़ेगा तो हनुमान जी बोले की देखो यार अगर मैं उतार गया ना युद्ध में तो युद्ध होगा ही नहीं एक बार पूछ फ़िर लूंगा परपज डिफीट हो जाएगा लेकिन आप मेरे दरवाजा आए हो आपको मैं खाली हाथ भी नहीं लोटा सकता तो कृष्णा जी रथ के सारथी होंगे ना मैं उसके ध्वज में बैठ जाऊंगा मैं क्या करूं अब करण एक तीर चलाएं और अर्जुन का जो रथ है वह दो-तीन इंच हिले अर्जुन एक तीर चला है करण का रथ है वो 50 फिट पीछे उसका फिर कर चला है तो अर्जुन क्या तीर चलता है अर्जुन लेते रहते थे अर्जुन तीर हमारे करण का कई फिट पीछे जाए
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कान चला इतना सही ले बोले क्या मारा है देख अर्जुन और अर्जुन में ईर्षा रही है हमेशा तो अर्जुन ने बोला की आप प्रभु प्रॉब्लम नहीं होता तो कहां जाता है तो तू क्या खुश हो रहा है तो उसको समझ में आया की हां यार बात तो सही तो ऐसी बड़ी साड़ी इंटरेस्टिंग कहानी है एक स्टोरी ये भी थी मतलब ये अभी फिक्शन से पड़ी है बट वो है की जैसे ही वो युद्ध खत्म होता है और जैसे ही कृष्णा जी उतरते हैं रथ से वो इतनी साड़ी जो एक तरीके से बोलते हैं की न्यूक्लियर वेपंस थे वो एक साथ जो इतना ब्लास्ट होता है वो तब होता है जो कृष्णा जी उतरते हैं मतलब कृष्णा जी
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ने भी वो कंट्रोल कर रखा था जो इंपैक्ट होने पे पेंशन के हां तो उसमें ये कहानी में तो यह भी है की जैसे ही ये हुआ था और कृष्णा उसे रात को छोड़ें थे तो अर्जुन आधा जल गया था अच्छा कृष्णा पहले उतार गए और वह व्रत कृष्णा की वजह से जितना को जय के रॉक के रखा था उसमें अर्जुन के उतारने के पहले जब तक अर्जुन को खींच गया उसे राज्य से बाहर तो अर्जुन का आधा शरीर जल गया था उन तीनों से जो करण और बाकियों ने चला के जो मा चुके थे तो यह भी कहानी एक कहानी बड़ी अच्छी बर्बरीक की है जो मुझे लगता है की हमारे समाज में बहुत जरूरी बैठी है मैं अभी
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उडुपी के राजा की कहानी जब सुनाया था तो मेरे को सुद्दनली याद ए गया मैं भी यही पूछना लगता है जब आप बोले की दो जान है जो वार खत्म कर सकते थे तो दूसरा नहीं नहीं दो जान जो थे वो तो कृष्णा और ये बर्बरी बर्बरी मैं ए रहा हूं तो हुआ है चल रही थी तुम किसके साइड तुम किसके साइड तो बर्बरी के पास पहुंच गया तो बोले तुम किसके साइड से बर्बरीक टेढ़ा आदमी था बर्बरीक बोला की जो पक्ष कमजोर हो जाएगा मैं उसके साइड पलटी मार दूंगा मैं उधर जाके वो बोला था मैं बैलेंस करता रहूंगा यह कमजोर होगा तो मैं इस साइड से इधर चला जाऊंगा फिर जब मैं उधर आऊंगा तो
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इसको कमजोर करूंगा तो इधर आगे लडूंगा भीम पूछा की और सभी ने पूछा की बर्बरीक को तो हमको कन्वेंस करके अपने साइड लाना था लेकिन युद्ध शुरू होने के पहले आपने बर्बरीक को क्यों आपने उसका सर कैट दिया कृष्णा ने उसे वक्त जो बोला था ना वह मुझे लगता है की आज के लिए भी आज के समाज के लिए भी उतना ही जरूरी है कृष्णा ने बोला था की समाज के लिए वो टपका वो इंसान वो लोग सबसे ज्यादा खतरनाक है जो किसी के पक्ष में नहीं है इंटरेस्ट वेयर वे नीड तो चूस सीड्स अरे सब अच्छा नहीं है कैसे सब अच्छा है अगर मेरा सही मेरा सही है और आपका गलत है तो वह मेरा सही आपका
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गलत ही है ना तो या तो आप अपना गलत छोड़कर मेरे सही की तरफ आकर खड़े होइए या मेरे से लडिया की तुम्हारा सही मेरा गलत है तो यह सेक्युलरिज्म वाले जो चीज है ना तो कृष्णा उसे समय समझा रहे थे की सबसे पहले इन लोग को खत्म करो आने के लिए गीता का सर मेरे कुछ शब्दों में आप लोगों के लिए बोल रहा हूं शायद हमारा समय भी खत्म ही हो रहा है तो मेरी कोशिश है की मैं शीशे खत्म करूं लोगों को यह कविता बहुत अच्छी लगती है और मोटे-मोटे तोर पर हम जो लोग बैठे हैं मुझे लगता है की आप लोग मेरी इस बात से समंजन से बिठा पाएंगे की रुद्राक्ष की माला में भी मैं हूं कृपाण कतर और भला में
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भी मैं हूं श्वेत भी हूं और शुद्ध भी हूं विरुद्ध हो मेरे तो युद्ध भी मैं हूं इतिहास में वहां आंसू और खून भी मैं हूं अब जो का के मिलेगा वो सुकून भी मैं हूं की इस धरती का मैं केंद्र बिंदु हूं प्रणाम मैं हिंदू हूं चिता की अग्नि धन्यवाद चिता की अग्नि गंगा का पानी कब्र की मिट्टी और लोबान भी मैं हूं पीर फकीर अली वाली सियावर राम का हनुमान भी मैं हूं भोला हूं सरल भी तुम्हारा मित्र भी मैं हूं गोल भी डन तुमको और भूल भी जो तुम में कुछ ऐसा चरित्र भी मैं हूं इस धरती का मैं केंद्र बिंदु हूं प्रणाम मैं हिंदू हूं प्रणाम का भाव भी मैं हूं आक्रमण का गाव
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भी मैं हूं सहन सहनशील स्थिर और शांत भी मैं हूं देवभूमि भारत का हर प्रांत भी मैं हूं शक्ति भक्ति और ना थकती क्रांति भी मैं हूं तूफान हूं और तूफान से पहले की शांति भी मैं हूं इस धरती का मैं केंद्र बिंदु हूं प्रणाम प्रणाम मैं हिंदू हूं प्रणाम अगर एक लाइन में आप खत्म कर सकते हैं क्वेश्चन को जैसे अपने बर्बरी की बात कहीं और एवं बहुत सारे जो चीज उन्होंने की है थ्रोट महाभारत और उसके पहले भी कृष्णा बहुत बार थोड़े से अधर्मी अधर्मी बिल नोट बी डी राइट शब्द बट जो गलत लगता हैं स्टेप्स वो स्टेप्स उसे करके धर्म के लिए करते थे वह ऐसे जस्टिफाई किया
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जाता है पर यह एवरी स्टेप पर छोटी-छोटी चीज पे एवं वो युधिष्ठिर वर्सेस अर्जुन की कहानी थी जिसमें वो उन्होंने हर स्टेप पे भी मैनिपुलेट किया चीजें ताकि वो एक रिजल्ट आता है वह कैसे हम जस्टिफाई करते हैं एक्चुअली में राम और कृष्णा का सबसे बड़ा फर्क यही है की कृष्ण को सीखने हैं की वक्त के साथ आपको बदलना पड़ेगा राम जो थे वह मर्यादा पुरुषोत्तम रामचरितमानस मतलब क्या है की एक मानस का चरित्र इतना सही हो की वह राम हो जाए वो तब होता है जब वो मर्यादा पुरुषोत्तम हो तो एक सही मानस का चरित्र मर्यादा पुरुषोत्तम कैसे बनाएगी तो आप आराम कहलायेंगे राम अपने पूरे जीवन
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तकलीफ पाएं हमेशा वह आदमी मर्यादा पुरुषोत्तम रहने के बावजूद हमेशा दुख में रहा है ठीक है फिर समय बदला द्वापर युग शुरू हुआ और आए कृष्णा आप अपनी गलतियां से सीखने हैं ना तो जिसको अपना पुराना पुनर्जन्म याद रहेगा वो अपने पुनर्जन्म से नहीं सीखेगा ठीक है ना मैं कल की गलती से सिख रहा हूं वह पुनर्जन्म से क्यों नहीं सीखेगा उसको सी उसको समझ में आया इस अवतार को इस पुनर जीवित शरीर को आत्मा को की भाई वो पिछला वाला वर्जन अभी 2.
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0 चाहिए तो अभी वह शुरू से क्या कर रहे थे पहले वह मक्खन चूड़ा रहे थे तो मर्यादा पुरुषोत्तम के समय में चोरी बहुत गलत होता था यह पैदा उसे समय फिर कैसा था की आ यू नो वन वूमेन में टाइप की बात यह ही इस दी बिगेस्ट फ्लर्ट ऑफ डी टाइम्स यहां मैं करूंगा फ्लर्टिंग मेरे को बहुत साड़ी गोपियों के साथ खेलने है खेल रहे हैं इससे एक और सॉरी मेरे को फिर एक कहानी याद ए गई प्लीज प्लीज हम लोग को मजा ए रहा है तो बीच में कृष्णा जी कृष्णा बहुत बीमा पद गए थे तो बहुत सारे वैद्य है उनके पास उनका उनको चेक किया थे तो उसको ओपन नहीं होता था आपके पास अगर चेक वे किया और उन्होंने
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बताया की कृष्णा से प्यार करने वाली कृष्णा की उसे समय आठ कर या आठ शादियां हो चुकी थी उनकी तो बोले इसे प्यार करने वाली इनकी किसी भी धर्म पत्नी को बोलो या जो भी इसे सबसे ज्यादा प्यार करते हैं उनको बोलो की अपने चरण का धूल कृष्णा के माथे पे लगा दे वो ठीक हो जाएगा सब गए रानियां के पास की प्लीज अपने चरण का धूल दे दीजिए हमारे कृष्णा ठीक हो जाए बोले मैं ऐसा करूंगी नहीं मेरे को पाप लगेगा मेरे को पाप लगेगा नरक में जाना पड़ेगा नहीं करूं कोई नहीं दिया फिर कुछ लोगों को भेजो गया गोकुल गोकुल में जाकर गोपियों के सामने बोला गया
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की कृष्णा बीमा है तुम्हारे चरणों की धूल कोई एक भी कोई दे दे उसके माथे पे लगा देंगे ठीक हो जाएगा साड़ी गोपियों ने अपने चरणों के नीचे से धूल निकाल के बोलिए लो इतना सर धूल एक बड़ा धूल बोले नेहरा देना कृष्णा को ले जा के तो जो लेने आया था वो बोला की तुमको इस बात का डर नहीं है की तुम लोगों को पाप लगेगा तुम लोग नरक में जाओगे तो लोग बोले की हम कृष्णा से इतना प्रेम करते हैं की उसके लिए कोई भी तकलीफ नरक में भी जाना पड़ेगा तो जाएंगे ये लो उसको ठीक करो पहले तो वह था कृष्णा के प्रति उन लोगों का प्रेम तो समय के साथ बदलना जरूरी है अगर आप
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सोचिए की अगर कृष्णा राम जैसे होते तो महाभारत का क्या हाल होगा साइड होने के बाद भी सही होकर अगर वह लड़ते तो वह हर जाते अश्वत्थामावली कहानी अश्वत्थामा हाथों हाथ दुर्योधन का बेटा अश्वत्थामा जिसको मारना लगभग असंभव था बाद में फिर वह साक्षी रंजीवियों में भी उनका नाम आया तो यह हुआ की यार द्रोणाचार्य इतनी शक्तिशाली हैं अस्त्र वो आदमी जब तक रखेगा नहीं उसकोहरा ही नहीं सकते द्रोणाचार्य गुरुओं के गुरु कैसे हराओगे उसको तो एक प्लेन सेट किया गया सेट किया गया की इस युद्ध में कौरवों की तरफ एक हाथी था जिसका नाम था अश्वत्थामा तो भीम को बोला की भीम तुम हाथी को मारना
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और हम लोग ना हमर हमर फैला देंगे कितना गलत कम कर रहे हैं ये लोग लेकिन इसका सूत्र संचालक कौन है कृष्णा बोले हम यह तो आता अश्वत्थामा हाथी को मारे चिक पुकार कर लिए यह बात द्रोणाचार्य तक पहुंची बोलो धुरंधरों को तैयार किया हूं मेरा बेटा हर जाएगा कोई मार देगा इंपॉसिबल अब कृष्णा के लिए प्रॉब्लम की यह पूछेंगे नालायक बैक देगा फिर हम लोग द्रोणाचार्य को कैसे हराएंगे जैसे ही युधिष्ठिर ने बोला द्रोणाचार्य ने पूछा की है युद्ध क्या ये सच है की मेरा बेटा अश्वत्थामा मारा गया
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तो युधिष्ठिर ने बोला जी गुरुदेव यह सत्य है की अश्वत्थामा मारा गया और उसके आगे जब उन्होंने बोला ना लेकिन जो अश्वत्थामा मारा गया वह तो हाथ ही था तो कृष्णा जी शंखनाद करो विजय नाथ करो तो सारे भजन ग गए तब उनको धोखे से मारा गया तो कई बार धर्म का साथ देने के लिए बदमाशी करनी पड़ती है आपके समय में तो डेफिनेटली करनी पड़ती इसलिए हम लोग जो आजकल पॉलिटिक्स में ढूंढते हैं की व्हाइट कौन है और ब्लैक कौन है तो व्हाइट ब्लैक नहीं है ग्रे है तो लेट ट्राई तू फाइंड डी लाइटर वर्जन ऑफ ग्रेट अपने अपने ओपिनियन बनाएं हम लोग बहुत शॉर्ट चल रहे हैं टाइम पे
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इसलिए कुछ लोग हाथ उठाएंगे अभिषेक भैया माइक देंगे आपको दिस इस डी फर्स्ट टाइम वे आर ट्रिंग आउट विद माइक प्लीज ओनली आज तक क्वेश्चन कम तू डी पॉइंट क्विकली हमारे पास वो एक्स्ट्रा टाइम नहीं है कोई भी अलग से ज्ञान नहीं देगा प्लीज अभिषेक भाई और अभिषेक भैया जिनको पॉइंट आउट करेंगे वो ही क्वेश्चन पूछेगा कोई भी अलग से माइक के बिना फ्रॉम नहीं करेगा थैंक यू सो मैच अभिषेक जी भैया कोई भी मेरे से कठिन सवाल पूछेगा तो मैं अभिषेक भैया को बोलूंगा उनका मैं एक ऑफिस ले लो आज के वक्त अक्षय जी ये तो आपने कृपया बोलना नहीं 10 सेकंड में कृपया खाली उत्तर
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दीजिए प्रश्न बहुत छोटा सा आज उत्तर नहीं देंगे कभी भी दे दीजिएगा अपने वीडियो वगैरा में मैंने सुना है की महाभारत की पुरी जो संरचना की गई थी युद्ध करने की वो द्रोपदी का भाई था वो श्री कृष्णा बैठकर के की थी और उनको पहले से मालूम था की 9 दिन के अंदर हम इशारा कम कर डालेंगे क्योंकि जब महाभारत की पुरी संरचना हुई थी तो हर दिन इक्वेशन चेंज होते थे सर तो क्या होता है ना की ये इसमें भी एक सिख ही है मेरे ख्याल से की हम लोग अपना बहुत आगे तक का लाइव प्लेन करते हैं जैसे अभी मुझे आप लोग कॉरपोरेट में जो लोग कम किया होंगे तो एक सवाल और वेयर डू यू सी योर सेल्फ 5
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इयर्स डॉ डी लाइन है ना तो हम सब अपने लाइफ को बहुत कुछ प्लेन करते हैं लेकिन वहां पर मेरे को ये दिखता है की ये सीखे की श्री कृष्णा भी पूरे महाभारत को ना अपने उसमें रख नहीं का रहे थे सब चीज उनके भी कंट्रोल इसीलिए तो बार-बार चेंज होना अगर उनको सब पता होता तो बात ही क्या थी जैसे एक वह प्रकरण हुआ था की जब गुस्से में अभिमन्यु के करने के बाद ये अर्जुन ने बोल दिया था सूर्य आज तक मैं इसको मार दूंगा और नहीं तो मैं आत्मदाह कर लूंगा तो अगर कृष्णा को पहले से मालूम होता तो फिर अभिमन्यु मरता ही नहीं है ना तो वहां पर फिर वो कृष्णा ने फिर एक
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धोखा किया था की उन्होंने बादल से पहले सूर्य छुपा दिया यह लोग डांस करने ग गए इसीलिए बोला जाता है की रेनॉल्ट नेवर सेलिब्रेट विक्ट्री बिफोर विक्ट्री आप लोगों को युटुब में बड़े इंटरेस्टिंग है की किसी को लगा बस वो जीत गया वो खुश होने ग गया पीछे से कोई और चीज दिया है ना तो जब वो खुश हो के पूरा उनका वो टूट गया तब उन्होंने बादल हटाए और सूर्य फिर से देखा और वो मारा गया अर्जुन के यहां तो मेरे ख्याल से थॉट ये है की यू नो डी बेस्ट थिंक डेट यू कैन डू इस डेट यू कैन ट्राई और यू कैन प्लेन बट व्हाट बिल हैपन इस नोट एंटायरली नोबडी थैंक्स
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नेक्स्ट क्वेश्चन प्लीज सर एक छोटा सा सवाल है क्या आपके हिसाब से करने के साथ जो हुआ था वह सही था या गलत था सर मैंने किसी और पॉडकास्ट में भी बोला है सॉरी मेरे को फिर एक कहानी याद है सो आ देखिए करण और अर्जुन यह सब जो है ना हम लोग सब वीडियो गेम के महत्व पत्र हैं और कुछ नहीं है हम लोग ना हम लोग अपने आप को बहुत ज्यादा सीरियसली लेते हैं आप सभी लोग मैं मेरा तो एक कहानी है की रामायण के बड़े में आप लोगों को पता है मैं जल्दी से निपटा हूं मेरे को मालूम है अभी सात्विक मेरे को डांटना वाले हैं तो बाली और सुग्रीव का नाम आपने सुना है बाली के पास पावर यह था
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की बाली जब किसी से भी फाइट करता था तो उसकी आदि शक्ति खींच लेट था तो वन की फाइट नहीं होती थी वो 1.5 वर्सेस 0.5 की फाइट होती थी तो 5 का हर ना ते तो बाली और सुग्रीव का जो फाइट हो रहा था तो मर्यादा पुरुषोत्तम राम ने भी एक बार धोखा किया है वह इसी समय किया है की मर्यादा पुरुषोत्तम नाम ने सुग्रीव को बोला की तुम बाली से फ्रंट से लाडो मैं पीछे से तीर मार के बाली का खेल लगा लूंगा सेतु बनाया है सीता को के पास गए रावण को मारा सब हो गया अब राम जब वापस विष्णु अवतार में ऊपर पहुंचे तो सूर्य सूर्य देव और इंद्रदेव के पास गुस्से में विष्णु जी के पास बोले हम नहीं
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खेलेंगे तुम लोग क्या हो गया मैंने क्या किया तब उनको बताया गया की जो बाली था वह इंद्रपुत्र वाली था और जो सुग्रीव था वह सूर्यपुत्र सुगिरता वो लोग वीडियो गेम खेल रहे थे आप बचपन में खेल होंगे ना तो आप बहुत सारे पावर ले लेते हैं आप इतने पावरफुल हो जाते हैं की उसे गेम में आप मा ही नहीं सकते वो उतना पावरफुल बॉलीवुड बना चुका था तो ते था की बाली जीतेगा अब राम जी आए खेल कर गए मेरा गेम था मेरा जीता हुआ दान था आपके चक्कर में हर गया मैं तो विष्णु जी को तब समझ में आएगी और यार गलत हो गया बोले कोई बात नहीं अगली बार जाऊंगा तो बैलेंस आउट
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कर दूंगा तो पिछली बार जो इंद्र को हर दिए थे इस बार इंद्र को जीता के पिछले गेम का बराबर वहां चल रहा है यहां कुछ नहीं चल रहा है तो क्या करण क्या अर्जुन सब एक कर की थी हेलो आज के परिपेक्ष में जहां ज्ञान से ज्यादा ज्ञान है धर्म के बड़े में तो ऐसे में धर्म की धर्म को आगे कैसे ले जा सकते हैं ऐसे ही सर साथ में जैसे ले जा रहे हैं आप थोड़ी कोशिश मैं कर रहा हूं थोड़ी कोशिश आपकी पॉडकास्ट देखिए हमारे माता पिता को अभी मैं जो भी बोल रहा हूं ना आपके ठीक पीछे जो अंकल बैठे हैं ना वह लगातार वह सिंबल में मेरे को बता रही है
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वो सब सही बता रहे हैं अभी शंखनाद के पहले वो ऐसे कर रहे थे मैं एक बार के लिए कंफ्यूज हो गया था क्या कर रहे हैं तो ऐसा है की इस आगे ग्रुप को पता था पर यही आगे ग्रुप वो है जिसने हमको बोला की नहीं नहीं बेटा धोती कुर्ता मत पहनना तुम तो शर्ट पेंट ताई पहन के स्कूल जो है तो वहां जब हम गए तो हमने एल्बम मी पढ़ना शुरू किया हमको टीचर ने बोला अंग्रेजी जरूरी इनको भी अंग्रेजी सीखनी थी लेकिन इनको जब तक समझ में आना की आने वाले समय में इंग्लिश कितनी जरूरी है तब तक इनका समय जा चुका था तो इन्होंने बोला की अपने बच्चों को तो शिखा ही देंगे समय के साथ चलना उसे चक्कर
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में हमको इतना ही अंग्रेजी और वेस्टर्न कलर सिखाया गया की हमको इंडियन कलर बुला दिया गया अब एक जेनरेशन से दूसरे जेनरेशन जो गड़बड़ हुआ है ना अब आपकी और मेरी जेनरेशन नेक्स्ट जेनरेशन को वापस उन्होंने ले जाकर ठीक करने की कोशिश करेगी वही हो सकता है की बेटा बेटा भगवान का शुक्र है मत बोलो क्योंकि भगवान के शुक्र कभी थे नहीं यह उनकी लाइन है की अल्लाह का शुक्र है शुक्र दानवों के गुरु बने इसलिए थे क्योंकि भगवानों ने उनको जानकारी दिया था तो हमने क्या किया की हमने सुना अल्लाह का शुक्र है कान को बड़ा अच्छा ग रहा है हमने अल्लाह को चेंज करके भगवान कर दिया हमने
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बोला भगवान का शुक्र है शुक्राचार्य कभी भगवान के नहीं थे हमको बताना पड़ेगा अपने नेक्स्ट जेनरेशन को की भगवान की दया है भगवान की कृपा है भगवान का बृहस्पति है ना तो यह गलती हम ही लोगों ने की है अब जितने अच्छे से उन्होंने आपको शर्ट पेंट पहनना सिखाया उन्होंने मैं मेरे भी पेरेंट्स आते हैं मेरे माता-पिता मेरे को ऐसे ऐसे स्कूल में भेजें हैं जहां पे आ मैं क्लासिक में था और एक नए टीचर आए और प्लीज प्लीज बैठिए एक नया टीचर आया और उन्होंने बोला गिव मी डी शॉर्टेस्ट डिफरेंस बिटवीन इन्वेंशन और डिस्कवरी इन्वेंशन डिस्कवरी को हिंदी में बोलते हैं
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खोज और अविष्कार गिव मी डी शॉर्टेस्ट डिफरेंस बिटवीन इन्वेंशन और डिस्कवरी मेरे को मालूम था मैंने हाथ खड़ा किया वास्कोडिगामा से लेकर ग्राम बेल तक सब बोल डाला मैंने बोला हां ठीक है बैठ जो उनको जवाब भी सुना है तो मेरे को लगाइए आदमी कन्वेंस नहीं हुआ मेरे आंसर फिर से दूंगा फादर डिस्कवर्ड योर मदर और इनवेंटेड यू सीट डॉ है तो हम लोगों को इजाजत इन लोगों ने किया इन्होंने हमको जी मटके के अंदर जैसा डाला हम दाल गए अब हम एक मटका पैदा कर रहे हैं अब हमको उनको कैसे डालना है वह हमारे हाथ में अगर आपको लगता है की वह आपके जैसे बने चाहिए तो
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आपके पिता माता ने सही किया अगर आपको लगता है की कहानी कहानी गलती हुई तो उसको अगले जेनरेशन में सुधार सकता है हमारी तो गई ब्यूटीफुल आंसर है हेलो श्रवण मास का टॉपिक चल रहा है दिस इस डी लास्ट क्वेश्चन फिर वे आर रनिंग आउट ऑफ टाइम और हम लोग देखते हिंदुस्तान में बहुत सारे श्रवण मास पाल जाते हैं बट हम सबको पता है की कृष्णा भगवान श्रवण वध अष्टमी को पैदा हुए थे तो वही महीना क्यों नहीं पाते बाकी लोग क्यों एक महीना आगे एक महीना पीछे पलटे रहते हैं ये कुछ पहले की चल ठीक है कम्युनिस्ट के अपने को डिवाइड करने की सर सही सही बोलो तो मेरे को ये आपका वाला
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जो श्रवण मास जो अभी चालू है महाराष्ट्र वाला उसकी जानकारी मुझे कम है अब मैं जाकर ढूंढ लूंगा समझेगा कर लोग से बात करूंगा लेकिन ऑन डी अदर हैंड मेरा ये जरूर मानना है की ये जो आपने वाली हमने बात की थी हमको हर चीज का सम्मान करो तो काग भूषण करैक्टर है जो पहले विष्णु के भक्ति थे सॉरी पहले शिवा के भक्ति थे तो उन्होंने अपने गुरु को बोला की विष्णु विष्णु कुछ नहीं होता है सिर्फ शिवा होता है जब यह बात बोला आपने गुरु को तो सबसे ज्यादा बड़ा किसको लगा इस के भगवान को शिवा को शिवा आया बोले श्राप दे दिए बोले हो डेयर यू टॉक नेगेटिव अबाउट विष्णु जब
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की ये शिवा की फीवर में बोल रहा था सबसे बड़ा उसको लगा शिवा को की तुम विष्णु को कम क्यों बोल रहे हो उनको श्राप मिल गया 1000 बार सर्प यानी में पैदा होने का श्राप मिल गया जैसे-तैसे वो खत्म हुआ अब वो वापस आए पृथ्वी पर और उनको श्राप खत्म कब होगा बोले खत्म तब होगा जब राम पैदा होंगे और तुम राम के भक्ति बनोगे क्योंकि विष्णु के अवतार है और यह श्राप और श्राप से मुक्ति देखो ना शिवा शिवा गलत कैसे कर सकते हो उसकी भी आराधना करो अब वो राम की पूजा शुरू की है विष्णु जी को भी माने ग गए फिर उनको कोई एक बाबा बाबा मिल गए जो मूर्ति पूजन नहीं मानते थे
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तो बोले मूर्ति पूजन मानना चाहिए जो मूर्ति पूजन एम यह भी अगर डिटेल में लॉन्च फॉर्म सुना है काकभुशन जी का पूरा क्षेत्र है पॉडकास्ट में अक्षय जी के साथ ही और विथ दिस वे और थैंक यू सो मैच पर जो योर लवली क्वेश्चंस योर प्रेजेंट्स वे आर डूइंग दिस पर डी फर्स्ट टाइम ऑन एन संडे मॉर्निंग थैंक यू सो मैच थैंक यू सो मैच अक्षय जी और विद डेट वे और थैंक यू सो मैच आप सब लोगों ने आप सब लोगों ने इतनी डर मुझे बर्दाश्त किया उसके लिए आभार