थैंक यू थैंक यू वेरी मैच थैंक यू तो आई शुरू करते हैं आपके अदालत में आज का मुकदमा आपके अदालत में आज मेरे मेहमान हैं एक ऐसी शख्सियत जो दुनिया के बड़े-बड़े बालको के बड़े-बड़े नेताओं के साथ ही करते हैं 40 साल डिप्लोमेट रहने के बाद ये नेता बन गए राजनीति में आते हैं पुराने जमाने के लोग इन्हें जितना पसंद करते हैं मेरी रिसर्च बताती है की आज के जमाने के नए जमाने के लोग भी इन्हें अपना उस्ताद मानते हैं प्लीज वेलकम भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और यह तालियां बजाते रहे क्योंकि मैं
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आमंत्रित करने वाला हूं आपके अदालत में हमारे आज के जज को आज के हमारे जज बहुत खास हैं उनकी लिखी हुई किताबें पुरी दुनिया में करोड़ लोग पढ़ने हैं वह मोटीवेटर हैं राइटर हैं और पुरी दुनिया में एक बड़े जबरदस्त स्पीकर के तोर पर जान जाते हैं प्लीज वेलकम शिवखेडा और इससे पहले की आपके अदालत में आज का मुकदमा शुरू करें इस्मा तो सवालात का सिलसिला शुरू करें आज की जज शिवा खेड़ा के इजाजत चाहेंगे आज के करवाई शुरू करने के लिए करवाई शुरू की जाए और उससे पहले की पहले एग्जाम लगे हमारे विदेश मंत्री एस जयशंकर पर एक नजर डालेंगे सेशन करके
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 भारत के विदेश मंत्री दो एस जय शंकर देश के सबसे अनुभवी और सबसे एक्टिव डिप्लोमेट्स में से एक हैं डॉक्टर जय शंकर ने और 30 साल तक एक डिप्लोमेट के तोर पर कम किया इस दौरान डॉक्टर जयशंकर 3 साल तक फौरन सिगरेट्री रहे जब डॉक्टर मनमोहन सिंह प्रधान मंत्री थे तो उन्होंने डॉक्टर जय शंकर को अमेरिका में भारत का राजदूत नियुक्त किया डॉक्टर जय शंकर लंबे समय तक चीन में भारत के एम्बेसडर रहे विदेश मंत्रालय में अपने लंबे करियर में डॉक्टर जय शंकर ने मास्को कोलंबो बुडापेस्ट और टोक्यो की एंबेसीज में भी डिप्लोमेटिक जिम्मेदारियां संभल
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डॉक्टर जय शंकर ने यूनिवर्सिटी ऑफ दिल्ली के सेंट स्टीफेंस कॉलेज से ग्रेजुएशन किया जेएनयू से मास्टर्स की डिग्री ली और डॉक्टर आते किया नटवर सिंह के बाद डॉक्टर एस के शंकर दूसरे डिप्लोमेट हैं जिन्हें एक्सटर्नल अफेयर्स मिनिस्टर बने का अवसर मिला दो जय शंकर कई भाषण के जानकारी हैं राइटर हैं संगीत में रुचि रखते हैं गुजरात से राज्यसभा के मेंबर हैं प्रधानमंत्री मोदी के फेवरेट डिप्लोमेट डॉक्टर सदी शंकर आपकी अदालत में अपनी बैरवी उत्तरी करेंगे  उससे पहले पूछना चाहता हूं की मैं एक डिप्लोमेट से बात कर रहा हूं या एक
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पॉलीटिशियन से आज मैं कहूंगा की ट्रेनिंग के लिए करते हैं जयशंकर जी आप यह तो आप मां दे रहे हैं की डिप्लोमेट से ज्यादा पॉलीटिशियन बन गए आजकल जी-20 की सफलता के अपने जबरदस्त कहानी सनी अमेरिका के प्रेसिडेंट ने तारीफ की रसिया के प्रेसिडेंट ने भी तारीफ की आई नहीं तो भी खुश हैं जहां तक मैंने पढ़ा की चीन ने भी तारीफ की भारत ने कितना बड़ा रोल प्ले किया लेकिन हमारे लाल यादव जी कहते हैं की पैसा बर्बाद कर दिया इतना खर्चा कर दिया भारत
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को क्या मिला देखिए ऐसा है लाल जी की तो हम सब लोग आधार सम्मान तो करते ही हैं आप सब जानते हैं ना और  और पुतिन का नाम लिया तो यह भी स्वाभाविक है की आप लाल जी का नाम भी साथ लेंगे तो हमारे बड़े में जो अच्छे शब्द जो बोले जा रहे हैं की कसम से हमें मिला क्या है पर आप अगर सामान्य नागरिक की दृष्टि से देखें पहले बात g20 में जो कहते हैं स्किल मैप की हर देश में खासकर हमारे जैसे देश में युवा पीढ़ी होती है उनके पास टैलेंट होता है कोचिंग इंजीनियरिंग है कोई डॉक्टर है कोई आर्किटेक्ट है कोई चार्टर्ड अकाउंटेंट है तो दुनिया की स्किल मैपिंग
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हो रही है इस जी-20 के करण एक किम से भारत के युवा पीढ़ी के लिए ग्लोबल वर्कप्लेस जो है इसके दरवाजे और मैं आपको दूसरा उदाहरण देता हूं जो भी हमारे मेहमान आए उन्होंने भारत की क्षमता अच्छी अगर मैं कहूंगा की वह 2 दिन में अगर एक किसी बात की चर्चा हुई सबसे ज्यादा चंद्रयान की बात की लोगों ने हमारे वैक्सिंग की बात की पर सबसे ज्यादा जो प्रभाव लौटते हैं वापस और उनको लगता है की भाई हम भारत आए हमने देखा की कितना अच्छा ऑर्गेनाइजेशन फाइनली मैं आपको कहूंगा की हमने जी-20 को जो है
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राजधानी में नहीं रखा विज्ञान भवन में नहीं रखा यह पूरे देश में मनाया गया 60 शेरों में मनाया गया था हर स्टेट में मनाया गया था तो इसका टूरिज्म पर प्रभाव देखें तो मैं कहूंगा रोजगारी की परिपेक्ष से देखें टूरिज्म की बात करें भारत के श्रमता और जो जो आया निर्यात जो है उसकी आप बात करें या आप रिसोर्सेस की बात करें बैंक जो डेवलपमेंट रिसोर्सेस जो है मैं कहूंगा की हर हर क्षेत्र में इस g20 का कहानी प्रभाव हुआ है प्रधानमंत्री देश में इसको फैला दिया ताकि राजनीति में फायदा हो इमेज चमके मोदी जी का नाम चमके अगर कुछ चमक रहा है देश चमक रहा .
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कुछ लोगों ने मुझे सोशल मीडिया से तस्वीर भेजी हैं की पहले कैसे हम सिंपल सा भारत दिखाई थे और आप किस तरह से चमके वी भारत लोगों को दिखा रहे हैं वो तस्वीर मैं आपको दिखाना चाहता हूं पहले जब विदेशी मेहमान आते थे तो हम किस तरह से उनको भारत दिखाई थे यह तस्वीर यह मुझे एक वेवर ने भेजी है जिसने विधायक की जब विदेश से मेहमान आते थे तब मुझको ऐसा भारत दिखाई थे और अब जो आपने भारत दिखाए वह बिल्कुल अलग चिपका हुआ है तो यह वह भी दिखाइए ना वो भी मैं आपको दिखाऊंगा नीतीश कुमार के पार्टी के लोग का रहे हैं अपने बिहार की चीज दिखाई सब लोग को नालंदा
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विश्वविद्यालय दिखाए तो सर क्रेडिट तो नीतीश कुमार को मिलन चाहिए है अगर ऐसा है की सब लोग क्रेडिट लेना चाहते तो देश के लिए अच्छा ही है ना तो उसका मतलब है की वह मानते हैं की जो हुआ वह देश के हिट में हुआ यह पूरे देश का एक किम से मिलजुल के एक हमारी उपलब्धि थी तो ये अच्छी बात है जो जी-20 जब चल रही थी शाम को हमारे यहां भजन था तो उसमें आ जो तमिलनाडु के के मिनिस्टर हमारी बात हो रही थी तो मैंने उनसे पूछा की आपको कैसे लगा तो जी गर्व से उन्होंने बात की ना की हमारे राज्य में 10 इवेंट हुए हमारा कार्यक्रम इतना अच्छा था तो मैं
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कहूंगा की अगर आप उनसे पूछा या ममता जी से पूछे या आप जो हमारे राजस्थान के के मिनिस्टर जो थे अशोक गहलोत जी बात खड़ी कर देंगे मैं राजनीति में बने इंटरनेट  क्रेडिट मुझे लगता है की सबको मिलन चाहिए पूरे देश को हमने दिल्ली की इतनी सफाई कर दी चमकता हमें कोई खरीद नहीं दे रहा नहीं देखिए क्रेडिट जो है पूरे देश को मिल रहा है और सबसे ज्यादा देश का नेता कौन होता है प्रधानमंत्री होता है तो ये तो स्वाभाविक तो जब वो प्रधानमंत्री को क्रेडिट देंगे वो अपने आप को भी क्रेडिट दे रहे साथी साथ के हमने भी उनका साथ दिया
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प्रधानमंत्री इस पूरे माहौल में कैसे ग रहे थे उसको लेकर के मेरे पास वीडियो आपको दिखाना चाहता हूं और दर्शन देखें  की इतने सारे अलग-अलग देश के अलग-अलग तरह के लोग अलग-अलग भाषण बोलने वाले सबको सेट कर लिया मोदी जी ने सच तो है नहीं सच तो है बट देखिए एक तो मोदी जी जींस भी वह मिलते हैं कहानी वह आम पॉइंट ढूंढ लेते हैं मुझे उनके साथ मैंने दुनिया
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में घूमते हुए करीब 10 साल हो गए और मैंने देखा है की इन 10 सालों में और यह एक ऐसे प्रधानमंत्री थे जब वह प्रधानमंत्री बने आपको याद होगा राज्य चाहिए की लोगों ने कहा की अरे यह तो उनको तो कोई विदेश नीति पे तो कुछ जानकारी है नहीं पता नहीं यह कैसे संभालेंगे क्या करेंगे अब वही प्रधानमंत्री आप देखें की इनकी सक्सेस क्या रही और इसका करण है की वह बहुत एक किम से बहुत ओपन माइंडेड नेता है जो लोगों के साथ कनेक्ट बनाते हैं हम तो सोचते थे मोदी जी के ट्रंप की दोस्ती है वह भी इनके दोस्त बन गए अब यह तो मानना पड़ेगा ना यह मोदी जी हैं
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तो ऐसा है और नहीं आप आप तो उनकी बात करें उनके पहले ओबामा भी थे तो कसम से मोदी जी का एक करैक्टर है की जिनके साथ भी वह कांटेक्ट में आते हैं ना आप देखेंगे और खुद आप परिचय से एक बार मुझे बताया था की डोनाल्ड ट्रंप से उनकी दोस्ती हुई कैसे उन्होंने उनका व्हाइट हाउस दिखाए लेकिन जो बटन से कैसी यह तो आप बता सकते हैं पहले जो उनकी मुलाकात जो हुई वो 2014 में हुई उसे समय उपराष्ट्रपति थे और वह मोदी जी का पहले दौरा था उसमें प्रधानमंत्री बने से सितंबर में आए थे मैं उसे समय मैं राजू था अमेरिका में है और उनके मैंने तुरंत जो केमिस्ट्री है
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क्योंकि यह भी जो भी बहुत एक किम से बहुत ओपन आदमी है बहुत उनके जो जो है दिल में है वो प्रकट करता है उसको तो उनकी वहां से बात बनी उसे समय उन्होंने मोदी जी के लिए एक लंच हो गया था और जब वो राष्ट्रपति 2020 में वो चुने गए तो ये स्वाभाविक था की जो पहले की जो मुलाकात जो थी उसका जो जो पॉजिटिव जो प्रभाव जो जो उसकी जो यादगार हैं जो थी वह नेचरली उसका उसका कुछ तो असर होगा और आपने देखा होगा की शुरू शुरू में जैसे ही वह राष्ट्रपति बने उनका सबसे पहले जो उसे समय कोर्ट चल रहा था तो मीटिंग है जो थी वह वर्चुअल मीटिंग होती थी पहले मीटिंग जो थी
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वह मोदी जी के साथ थी वह कार्ड के तो जो क्वॉड ग्रुपिंग जो है उसके मध्य से तो और जब वो मिले तो मुझे क्योंकि दोनों जो है देखिए पॉलिटिक्स में बहुत अनुभवी हैं अगर आप आज डेमोक्रेटिक पॉलिटिक्स में देखें डेमोक्रेटिक पॉलिटिक्स में मैं कहूंगा मोदी जी सबसे अभी सीनरी होंगे प्रेसिडेंट और प्राइम मिनिस्टर के तोर पे पर और अगर आप पूरा पॉलिटिक्स का अनुभव देखें तो इनको जो है 50 साल का अनुभव है वो तो बहुत कम उम्र में वो सीनेटर बने थे और जो अनुभवी पॉलीटिशियन होते ना उनको उनका जो कनेक्ट एक दूसरे के साथ और खास का जो डेमोक्रेटिक प्रेसिडेंट का
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दौरान मोदी जी के पास आना इसे कहना मुझे आपका ऑटोग्राफ चाहिए यह बड़ी बात अमेरिकन प्रेसिडेंट के लिए कहना उन्होंने यह भी कहा जापान में जब वो ऑटोग्राफ की बात कर रहे थे की इनकी पॉपुलर डेटिंग देखें तो दूसरे पॉलीटिकल रेटिंग 70% से ज्यादा हो तो साहब यह कमल की बात है और जैसे मैंने कहा एक तो वह रिस्पेक्ट दूसरा यह भी है की जब वह भारत आते हैं भारत के बड़े में पढ़ने हैं जो उनको जानकारी होती है तो वो देखते हैं की पिछले 10 साल में परिवर्तन क्या हुआ है और परिवर्तन का करण क्या है अब परिवर्तन का करण है की आज जो है हमारे यहां जो आत्मविश्वास जो बड़ी है हमारी क्षमता उसके
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करण बड़ी है और ये बड़ी है क्योंकि वो लीडरशिप तो इटली की प्राइम मिनिस्टर हैं उनके साथ मोदी जी की तस्वीर बहुत वायरल हो रही है सुष्मिता पे और वो कहती है की नरेंद्र मोदी इसे डी मोस्ट लव लीडर इन डी वर्ल्ड बहुत सारे ऐसे देश है और ऐसे लीडर्स हैं जिनके लिए आज नरेंद्र मोदी के सबसे रोल मॉडल बन चुके हैं उनके लिए लगता है की भाई यह एक तो बहुत डिसाइड है तो उसका मुकाबला करते हैं इनकी बड़ी सोच है आजकल यह भी है दुनिया देखिए बहुत टेक टैक्स अभी दुनिया है अब उनको लगता है की मोदी जी जो है अगर दुनिया में देखें की आप हमें बताइए की लीडरों में टैक्स अभी कौन
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सबसे ज्यादा कौन है तो उनका नंबर वहां भी आता है तो हर हर देश हर लीडर हर देश की पब्लिक जो है वो अपने दृष्टि से देखते हैं कहानी ना कहानी मुझे लगता है की क्योंकि मोदी जी के इतने इतने किम से पहला है की सबको कहानी ना कहानी कुछ कनेक्ट जब आप से मिलते हैं यह हेड ऑफ डी स्टेटस प्राइम मिनिस्टर प्रेसिडेंट मोदी जी के बड़े में क्या बात करते हैं देखिए मेरे लिए तो सबसे बड़ी प्रॉब्लम होती है की आते हैं सब और सब मिलन चाहते हैं मैं टाइम मैनेजर भी हूं तो मेरे लिए थोड़ी सी प्रॉब्लम भी हो जाते की सबको कैसे मिले इसको कैसे ऑर्गेनाइजर
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करें पर सब मैं वो मिलने की रुचि तो है आपको तो लगा होगा की जैसे ही वह जी 20 का वो हथोड़ा जो है तक गया और उन्होंने इनको दे दिया लाला को दे दिया की हमारी जिम्मेदारी वहां मैन कार्यक्रम खत्म हो गया पर उसके बाद जो भी आए थे उन्होंने बाकी लीडर जो है वो रुक और वो चाहते थे की उनसे वन तू वन मीटिंग करें तो हमारा कार्यक्रम जो है उसे दिन काफी लंबा ए गया रात तक गया क्योंकि सब लोग जो है मिलकर ही वापस करें मोदी इसे डी बस तो क्या डायलॉग मारा होगा मोदी जी ने जो उन्होंने का दिया मोदी जी जो है वह अपना डायलॉग को एक किम
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से रेडी है जब वो आते आपको नहीं लगता की यह तो बस हां जो सऊदी अब के प्रिंस है सलमान इनको बहुत कम मुस्कुराते देखा है लेकिन मोदी जी के साथ वो थक मार के हंसते हैं आज जो है सऊदी अब के राजकुमार वो अपने आप को देखते हैं की मैं सऊदी अरब का एक किम से मॉडर्न आईसर हूं की यह देश जिसकी पहले की छवि आप जानते हैं यह जो है इन्होंने बहुत सारे क्षेत्र में बहुत प्रगति की है की जो वूमेन राइट्स उनको जो फ्रीडम देना जो जो वहां नए इंफ्रास्ट्रक्चर बनाए हैं नए शहर बना रहे हैं तो एक कसम से आज जो सऊदी अरब में जो हो रहा है बहुत बड़ा परिवर्तन हो
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रहा है अब ऐसे लोगों को लगता है की अगर हम दुनिया में देखें और कहानी रोल मॉडल हो कहानी दूसरे का कोई ऐसा कुछ एक्सपीरियंस अनुभव हो जहां से हमें कुछ मिलता है तो अब उनके मां में था की आप लोगों ने डिजिटल में क्योंकि एक एक चीज मैं आपको बताओ अगर जब मैं दुनिया में जब मैं बाहर जाता हूं दुनिया में भारत में जो परिवर्तन ए रहा है खासकर डिजिटल में जो ए रहा है इसके बड़े में दुनिया में बहुत क्यूरोसिटी लोग जानना चाहते हैं की आपने अब बहुत सारे देश के पास वैक्सीन थे अपने वैक्सीनेशन कैसे कारण क्योंकि बहुत ऐसे देश हैं यह विकसित देश
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जहां वो बड़े मंत्र में वैक्सीनेशन नहीं कर पे या लोग देखते हैं की आज अगर यह आपको मुद्रा में लोन मिलता है अगर 40 करोड़ लोगों को लोन मिलता है या अन्य योजना में आपको अनाज मिलता है 80 करोड़ लोगों को अनाज मिलता है जब उनको पता है की यहां के लिखे जो है जो हमारी परंपरा राजनीतिक परंपरा थी लेकिन कुछ बाकी लीडरों से सुन चुका हूं की हमारे यहां भी लेकर ज्योति हम भी बैंड करना चाहते हैं तो एक ने तो पूछा की इसका टेक्नोलॉजी क्या मैंने कहा टेक्नोलॉजी तो डिजिटल टेक्नोलॉजी मोदी जी तो एक तस्वीर पुरी दुनिया ने अच्छी 20 से ज्यादा कंट्रीज के हेड्स राजघाट पर खड़े
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हैं चारों तरफ और जब वह ए रहे हैं तो प्रधानमंत्री मोदी और जो वार्ड में आगे आगे सब लोग पीछे पीछे ए रहे हैं तो यह आइडिया किसका था की राजघाट पर सब बोले जाएंगे और राज इसमें दो चीज मोदी जी का जो था की क्योंकि गांधी जी का एक किम से मैं कहूंगा अब दुनिया के सब सबसे आईकॉनिक फिगर है तो जब भारत आए तो इनको ये तो उचित होगा की सब लोग जो हैं अपनी श्रद्धांजलि देने के लिए वहां जैन और यह मुझे लगा की ये बहुत ही नेचुरल चीज है उनको भी लगा और मैं कहूंगा की बहुत लोगों ने इसकी बहुत सराहन की देखिए हमने सुना था हम मैंने पिक्चर है अच्छी थी और खुद वहां
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जो इमोशनल फूल जो हुआ वहां जाकर इसके बड़े में वो लास्ट सेशन में तीसरी सेशन में बहुत लोगों ने जिक्र किया अब देखिए कांग्रेस के नेता शिकायत कर रहे हैं की हमारे गांधी जी को भी कब्जा कर लिया मोदी जी ने अरे अब इनका मैं क्या करूं की शिकायत करने वाले शिकायत करते रहेंगे कम करने वाले कम करते रहेंगे और जो जो अभी जो है मैं आपको एक बार और का रहा हूं देखिए ये g20 जो है यह राजनीति का मामला नहीं है ये देश का मामला है हमें हम जो भी जो कोई भी भारत का ना कर उसको प्राउड फूल करना राजनीति का मामला तो है इसकी वजह से विरोधी दालों के नेता आपस में
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लाड रहे हैं अधिक रंजन चौधरी ने ममता बनर्जी से पूछा क्यों गई वहां पर और आप गई तो अमित शाह और योगी आदित्यनाथ साथियों टेबल पर क्यों बैठ गई भाई यह डेमोक्रेसी डेमोक्रेसी है इसमें अलग-अलग राजनीतिक दाल के लोग साथ मिलजुल के कम करते हैं बैठ के भजन भी खाता हैं और अगर कोई आया वह इसलिए आए क्योंकि यह पूरे देश का एवं था अगर आपकी सोच इतनी छोटी हो की जी समय आपको देश के कुछ उपलब्धि पर गर्व होना चाहिए उसको आप अगर आपको इसको राजनीति बना लेने अब इसका क्या उत्तर हो सकता है उन्हें तो पुरी दुनिया देखिए उन्होंने कहा की बहुत अच्छा कम किया बहुत कमल किया
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लेकिन इसका फायदा आप राजनीति में उठाएंगे पॉलिटिक्स होगी अब 2024 का इलेक्शन होगा तो इसकी वजह से बहुत वोट मिलेंगे 2024 में जो होगा वह तो होगा की सरकार की रिकॉर्ड क्या है ठीक यह तो डेमोक्रेसी में होना चाहिए ना होना चाहिए ना तो मुझे लगता है की जो 24 का चुनाव जो है वह जो मोदी सरकार जो है एक किम से उनके रिकॉर्ड पर भारत की जनता जो है वो आशीर्वाद देंगे तो अब यह नहीं है की अगर एक दिन चुनाव होगा तो उसका मतलब है की हमें कुछ भी नहीं करना चाहिए मुझे लगता है की एक समय था जब हमारी सोच बड़ी नहीं थी जो कुछ भी हम कम करते थे हम मैन मिनिमम करते थे बड़े झुक झुक के
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करते थे कोई मैन इसमें कोई कॉन्फिडेंस नहीं था अब जमाना बादल गया मोदी जी और मोदी सरकार नहीं बदले मुझे लगता पूरा भारत बादल गया अब जयशंकर जी यही तो प्रॉब्लम में विरोधी दालों की पहले चंद्रयान की ग्लोरी मोदी जी को मिल गई जी-20 की ग्लोरी मिल गई अब राम मंदिर की ग्लोरी मिल जाएगी तो चुनाव तो जीती जाएंगे यह भी सोचना चाहिए और आपको भी सोचना चाहिए कुछ मेहनत भी होगा ना और पुरी दुनिया का रही थी की जॉन डिक्लेरेशन नहीं हो पाएगा तो ठीक है इस पर बात करते हैं यह लगा बार-बार के जॉइंट डिक्लेरेशन नहीं होगा और यह था बहुत मुश्किल कम था की इस
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आज की दुनिया की स्थिति में सर्व सहमति बनाना आसन नहीं और क्या होता पिछले महीने सबमिट के दो-तीन दिन पहले जब नेगोशिएशन चल रही थी तो वो हमें कहते थे हमारी टीम की भाई हो चुका है 1 घंटे बाद कहते थे की नहीं वो फिर से मामला खुला गया तो ऐसा ही चला गया चला गया चला गया तो अंत में क्या हुआ की जो फाइनल जो हमें कनक्लूड करना था हमें लगाकर कुछ कुछ थोड़ी देश है उनसे हमें मैंने हाईएस्ट लेवल में बात करनी होगी डायरेक्टली बात करनी है उनको समझना होगा की भाई यह सबके हिट में है की यह जी-20 सफल रहे क्योंकि अगर हम उसे जो यूक्रेन के मामला पर अगर सहमति
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नहीं बना पाएंगे जो बाकी जो हम जो दिया तो इसमें जब जरूर पड़ती है तो हमारे टीम ने मुझे कहा मैं मोदी जी के पास गया तो मैंने उन कहा के दिखे ये एक दो तीन हैं ईशा आपको डायरेक्टली बात करना होगा और उन्होंने बात तो एक क्वेश्चन मैं कहूंगा की जो सहमति जो मनी जो बाहर तो पहले बार पता चली की मोदी जी ने बात की इसलिए दोगुना तीन गुना बड़ा और सब लोग थे मीटिंग शुरू होने के पहले और उनको पता था की वो खुद मैन जाकर लोगों को बाकी लीडरों से बात कर रहे हैं तो उन्होंने सब को समझाया की यह जो आप अगर आपको कहानी कंप्रोमाइज करना है थोड़ा कुछ कहानी कुछ मानना है तो मां
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लीजिए क्योंकि जो टोटल पैकेज जो है यह सब के हिट में और एक शब्द के करण या एक कहानी वाक्य के करण आप पूरे जो पूरा नतीजा को आप इसको नहीं रोके तो मुझे लगता है की बहुत सारे ऐसे लीडर थे जिनको लगा और उनको जो है अपने रिश्तो का ख्याल तो था पर उनको मोदी जी के बड़े में एक किम से मैं कहूंगा पर्सनल रिस्पेक्ट था देखिए पहले जमाने में मैं तो 40 बरस से इस प्रोफेशन में हूं हम देखते थे हर चीज के लिए या तो अमेरिका की तरफ देखते थे या रसिया की तरफ देखते थे उनके लीडर जो कर दे वो सही और बाकी सब पीछे-पीछे चलते थे अभी आपने होली बादल दिया है
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की जमाना बादल गया तो मैं मानता हूं जमाना बादल गया की अभी जो है अब आप डिप्लोमा से पूछ रहे हैं पॉलीटिशियन से पूछ रहे हैं अब मेरे पास में तो तू इन वन है कुछ बदला भी है कुछ बदलवाया भी गया है अपोजिशन के लोगों ने कहा उन्होंने कहा की सबमिट तो हर गवर्नमेंट के टाइप पर होता है यह तो यह बाई चेस है आप आप मुझे ये बताइए की आप भी 40 साल से कर रहे हैं मैं भी 40 साल से कर रहा हूं ऐसा समेत कब हुआ पहले क्योंकि पिछला समय जो जिसका जिगर करते हैं लोग 1983 में वह नॉन लाइन सबमिट हुआ था मैं जूनियर ऑफिसर था मैं उसे समय का भारत जो है और इस समय का भारत
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आया परिवर्तन आया है हमारे विश्वास में भी आया है हमारे नेता में भी परिवर्तन आए पूछना चाहते हैं दें आई वांट तू आस्क यू एस ए और रसिया ये दोनों इतने डिफरेंट कंट्रीज हैं आप इसमें बैलेंस कैसे मेंटेन करते हैं आजकल इतना विवाद है और यह यूक्रेन युद्ध के करण की ये ये सचमुच एक बहुत बड़ी चुनौती थी आ और हमने तरीके से क्योंकि हम बहुत इंडिपेंडेंस शुरू से हमने इंडिपेंडेंस ट्रांस लिया की लोगों को लगा की ना ये इस साइड में है ना इस साइड में है ये बड़े बने इंडिपेंडेंस लोग हैं जो बोलना है वो अपना पोजीशन स्पष्ट करते हैं तो मुझे लगता है की एक किम से उसका भी
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उन्होंने रिस्पेक्ट दिया यूक्रेन वार एक ऐसी चीज है जिसमें एक तरफ यूरोप है एक तरफ अमेरिका है और एक तरफ रसिया है अब मोदी जी से पुतिन भी खुश हैं मोदी जी से यूरोपिय यूनियन के लोग भी खुश हैं और मोदी जी जो किया उसको अमेरिका भी बड़ा नहीं मानता सबका साथ सबका विकास तेरी बाहों में मेरी अपनी है तेरी खुशियां मेरी अपनी है ये आसमान है तो मैं हूं तू जो है
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पतंजलि केस कांति शैंपू केस कांति तेल जग जग जिया से शुक्रवार दोपहर 3:00 बजे सिर्फ इंडिया टीवी पर निरंतर बढ़नी जिंदगी की रफ्तार यहां वक्त कम और एक्शन ज्यादा और इसी रफ्तार के साथ आपको रखेगा सुपरफास्ट खबरें और डाउनलोड कीजिए इंडिया टीवी स्पीड न्यूज़ चैनल 24 घंटे सुपरफास्ट खबरें मैं वर्षा मैं सुन नहीं शक्ति बोल नहीं शक्ति पर इस मंच का हर पाल में एंजॉय करती हूं
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हर सवाल और हर जवाब को समझ शक्ति हूं आपके अदालत आपके और मेरे लिए आपके अदालत दिल डर लोगों के लिए आपकी अदालत की स्पेशल स्ट्रीमिंग इंडिया टीवी के आपकी अदालत चैनल पर एन लड़ते ना लड़ाई है वेलकम बैक आपके अदालत में आज हम मुकदमा
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चला रहे हैं भारत के विदेश मंत्री दो एस जयशंकर पर आप क्या अदालत में अगला आपकी अदालत में भारत के विदेश मंत्री दो एस जय शंकर पर आप है की ये चीन से डरते हैं  अब ये आप कौन लगता है ये तो बताने की जरूर नहीं है हमारे राहुल गांधी जी वो थोड़े दिन पहले लाडा गए थे और वहां वो पैंगोंग लेक पर गए और उन्होंने देखा हमारी हजारों किलोमीटर जमीन पर चीन ने कब्जा कर लिया चीन ने ले ली है और आप कुछ करनी है अच्छी बात है की वह पैंगोंग सो गए और जो जमीन जो उन्होंने दूर में देखें ना इसका इसकी मैं आपको इतिहास बताता हूं  है और 59 और
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1962 के बीच में 3 साल में उन्होंने उसे एरिया को कब्जा कर लिया था जो 1962 वार में वहां एक बहुत मशहूर जगह है खुराना फोर्ट यह जगह अभी नहीं गई यह जगह 62 में तो जब वह चीन की बात करते हैं और जमीन की बात करते हैं सबसे पहले तो सोचना चाहिए की अगर भारत की जमीन गई और जमीन गई 38000 किलोमीटर गई कब गई तो चीन ने क्या किया की जो हमारे उनके साथ 93 और 96 के दो एग्रीमेंट तो यह एग्रीमेंट के तहत दोनों साइड जो है फौजी को बड़ी संख्या में बॉर्डर लाइन का एक्चुअल
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कंट्रोल के पास नहीं ला सकते हमारे बीच में यह लिखित समझौता है और अगर आप लेंगे तो आपको पहले बताना होगा अब यह समझौता हमने नहीं किया यह तो उसे समय का है 30 साल पुराना उसे समय हम जो नरसिंह राव जी के सरकार की बात कर रहे हैं अब हो सकता है की उनके मां में हो की हम उसका क्योंकि कॉविड कॉविड चल रहा था हम उसका काउंटर डेप्लॉयमेंट नहीं कर पाएंगे तो मोदी जी ने ताई कहा की अगर हमें कोई चीन से खतरा है तो हमें जो है काउंटर डेप्लॉय करना चाहिए और उन्होंने उसे समय पूरे एयरफोर्स और हमारे रेल सिस्टम और रोड सिस्टम की ताकत लगे और खाली अफोर्ड से
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हमने 70 हजार मैंने हमारे जवान जो हैं उनको एयरलिफ्ट किया हमने टैंक्स को भी एयरलिफ्ट किया हमने जो बड़े-बड़े गंस जो हैं ट्रक्स सबको क्योंकि उसे समय वहां अप्रैल के समय में बर्फ होती है तो वहां रोड भी और आप जानते हैं की आ जो जब तक मोदी जी आए तब तक ये बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर जो है इस पर कोई ध्यान ही नहीं दे रहा था उसे समय उप के सरकार के समय रिकॉर्ड पे गया कहा गया की अगर आप बॉर्डर को ऐसे ही छोड़ दें तो चीनी भी नहीं ए पाएंगे इंफ्रास्ट्रक्चर का किसी ने ध्यान नहीं दिया तो अब ठीक है पिछले 10 साल में काफी प्रगति आई है पर दिप्लाई करना इतना आसन
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नहीं था पर तब भी 2020 में हमने हजारों की संख्या में वहां हमने फौजी भी भेजी हथियार के साथ भी भेजी डिप्लॉयमेंट करवाएं तो अगर आज कोई वहां मुकाबला कर रहा है जो हम जो हो रहा है इसलिए मोदी सरकार के निर्णय के करण हो रहा है तो और अगर जमीन की इतनी फिक्र है और हनी भी चाहिए मुझे भी जमीन की बहुत फिक्र है पर जमीन की अगर इतनी फिक्र है जो 38000 किमी वो तो 62 में क्या उसके बाद तो हमें चिंता करनी चाहिए थी ना तो अगर मैं ओलंपिक जाऊं चीन तो मुझे जमीन की बात तो करनी चाहिए थी अब मुझे पता नहीं की जमीन की बात की या नहीं की क्योंकि आपने इतनी अच्छे से
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समझा दिया की चाइनीस आए लेकिन हमने भी बराबर का डेवलपमेंट किया लेकिन राहुल जी का रहे थे उन्होंने एक बार आपसे बात की थी चीन पे वो का रहे की जयशंकर जी को तो समझ नहीं है चीन की अब मैं क्या कहूं या तो मैं समझा नहीं तो समझने वाले में कमी है या समझना वाले में कमी है मैं मानता हूं मैं करीब 4:30 साल में राजू था वहां तो मैंने अभी तक मेरा रिकॉर्ड सबसे लंबा है वहां तू भी आपको चीन समझ नहीं आया नहीं हो सकता की वो 4:30 साल में उनके साथ बीता लेट तो समझ ए जाता कुछ एक बात देश की जनता बड़े साफ लफ्जों में जानना चाहती है मोदी जी साथ-साथ कहा की
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चीन ने हमारी एक किडनी जमीन पर कोई कब्जा नहीं किया कोई आया नहीं लेकिन बार-बार अलग क्वार्टर से जिसमें राहुल गांधी भी है जिसमें दूसरे लोग भी हैं इंटरनेशनल मीडिया में भी यह कहा जाता है की चीन ने हमारी जमीन पर कब्जा किया है मोदी जी के प्रधानमंत्री बने के बाद फेक्चुअल पोजीशन क्या है क्या होता है की हमारी फौजी जो है आमतौर पर अपने अपने कैंप पर रहती है उनके बेस कैंप होते हैं अब तो आप समझे की एक लाइन है हम लाइन के इस दक्षिण में है ज्यादातर और इसमें काफी मैन कैंप और जो लाइन के बीच में डिस्टेंस जो है काफी ज्यादा होता है उनके
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साइड में भी वही स्थिति उनके साइड में किस जगह में कम है क्योंकि उन्होंने पिछले 40 साल में अपना इंफ्रास्ट्रक्चर बना लिया था हम पिछले 10 साल में ही मैंने कसम से उसका मुकाबला कर रहे हैं हमारे में भी इंप्रूव हो रहा है पर उनकी इंफ्रास्ट्रक्चर जो है क्योंकि उनको कुछ टाइम था उनके पास अब क्या हुआ है की 2020 के बाद दोनों साइड जो है फॉरवर्ड रिप्लाई हो चुके हैं कैंप से बाहर जा चुके हैं और नॉर्मली क्या होता है फौजी में आप जाते हैं पेट्रोलिंग करके वापस ए जाते हैं यहां जो है आप बाहर जाकर वहां आपने अपना प्रेजेंस मैन टेंट में हो या
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कुछ और परमानेंट हो आप वहां एक किम से पोस्ट सामने ए गई तो अभी जो है अगर आप देखें पिछले 3 साल में कुछ बहुत सारे जगह थे जहां बिल्कुल हम नजदीक ए चुके थे और गलवान में जो जो घटना जो हुई वो इसीलिए हुई क्योंकि दोनों साइड जो है बिल्कुल नजदीक ए चुके थे अब हमारी कोशिश और उनकी भी कोशिश है 3 साल में की हम दोनों जो है हमारे फॉरवर्ड डेवलपमेंट को मैंने अपने पोस्ट में वापस जमीन पर कब्जा नहीं किया तो यह 19 बार मीटिंग किस लिए हो रही है 19 बार मीटिंग इसीलिए हो रही है क्योंकि दोनों साइड फॉरवर्ड डेप्लॉय है और बहुत नजदीक ए चुके हैं और जब फौजी जो
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है हथियार के साथ पूरे अलर्ट मैन उसे समय और तनाव का माहौल है तनाव के माहौल में पूरे हथियार के साथ अगर फॉरवर्ड डेवलपमेंट हो तो वहां कोई दुर्घटना होने आ चोट जो जो चांसेस जो हैं वह जाता है तो यह किम से अगर हम यह चला जाएगा तो यह चेस हो सकता है की जो पहले जो आ जो भी हुआ वह होने की संभावना है तो अभी जो नेगोशिएशन है की साहब आप जो हैं इतना आप जाएंगे पीछे इतना मैं जाऊंगा पीछे और ये ये मैंने नई बात नहीं है अगर आप इसका इतिहास जानना चाहेंगे पहले बार जो हम ऐसी स्थिति में आई है 1958 में आई और वह भी उत्तराखंड में एक जगह है 12 होती और 12 होते में क्या हुआ
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की दोनों साइड आगे बढ़ और फिर कुछ समझौता हुआ उसे समझौता में उसे समय भारत ने भारत की सरकार ने ते किया की हम थोड़ा मैन पीछे हटेंगे और कसम से वहां पेट्रोलिंग नहीं होगी जो 1980 में जो 1986 में हिंदू रंग ऊ नाम के जगह में अरुणाचल प्रदेश में वहां खबर आएगी चाइनीस घुस के ए गए तो नो वहां 86 से 95 तक 9 साल 9 साल के बाद समझौता हुआ और उसे समझौता के तहत हम लोगों ने कुछ पोस्ट पीछे लिया उन्होंने भी कुछ पोस्ट पीछे लिया तो जब भी ये तनाव होता है और फॉरवर्ड डेप्लॉयमेंट होती है तो जब तक इसका कुछ नेगोशिएट समझौता नहीं होता तो कोई भी साइड पीछे
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हटाना नहीं चाहिए आप तो चीन को अच्छी तरह जानते हैं क्यों वो बार-बार ये शरारत करते हैं हमारे आपस में बाउंड्री क्या है क्या हनी चाहिए इस पर विवाद तो है पर मेरे लिए जो है चिंता का विषय भी है थोड़ा मैं कहूंगा की मैं सोचता हूं की कहानी इसमें रणनीति भी है की जब समझौते हो चुके हैं की यह हो यह हो सकता की आप कहें की भाई मुझे लगता मेरा जमीन है मैं कहता हूं नहीं मेरा है यह पिछले 50-60 साल से यह विवाद चल रहा है पर इस बार मुझे जो सबसे ज्यादा मैं कहूंगा जो में मुद्दा जो है ये है की हमारे इस पर एग्रीमेंट्स थे दो एग्रीमेंट थे 93 और 96 के एग्रीमेंट थे एग्रीमेंट के
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तहत उनको जो है फौजी किसी भी बॉर्डर एरिया में बहुत बड़े संख्या में लाना नहीं चाहिए था और अगर उन्होंने जानबूझकर इसका उलझन किया है और यह जानबूझकर किया क्योंकि गलतियां हो जाते गलतियां अगर होते हैं की 100 की हो जाते हैं 10000 में गलतियां नहीं होती यह कोई प्लेन होता है कोई ऑर्डर होता है तो जब उन्होंने इसका उलझन किया उसका मतलब है की उनके मां में है कहानी कोई दबाव डालने जो मुकाबला कर रहा है यह भारत
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और आप आप ही यह सोच की कोविंद के समय में फौजी को मोबिलाइज करके भेजना मुश्किल कम उसे समय हमने इसकी ज्यादा चर्चा नहीं की थी क्योंकि हमें लगा की ये राष्ट्र सुरक्षा का मामला है की मैंने इसमें पब्लिक में पब्लिक के डिबेट में लोग मैन इसमें इसमें हमारा फायदा नहीं होगा तो जो ट्रूप्स के मूवमेंट जो है ये बहुत बड़ी संख्या में हुई और अगर आज कोई दुनिया में चीन के मुकाबला में साथ मैन आंख से आंख मिला के खड़ा है तो हम खड़े जयशंकर जी जब नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने तब से लेकर अब तक 18 बार 121 मीटिंग हो चुकी है झूला भी झुलाया उनको कोई ऐसा सम्मान नहीं
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था जो ना दिया हो कोई ऐसा रिश्ता नहीं था जो बनाने की कोशिश ना हो लेकिन रिश्ता तो नहीं बना इसका मतलब कूटनीति में हर देश चाहता है की दूसरों के साथ खासकर जो अगर पड़ोसी हैं तो उनके साथ रिश्ते अच्छे हो यह तो स्वाभाविक कभी-कभी ऐसे पड़ोसी होते हैं जहां आपको कूटनीति के अलावा जमीन में भी कुछ इसकी तैयारी करनी चाहिए अब अगर आप पिछले 10 साल में देखें की फर्क क्या आया है फर्क है की 2014 के बाद अगर आप बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर में देखें की प्रगति क्या हुई है जो रोड बने का कम जो है जो टनल बिन का कम जो है ये जो ब्रिज बने का कम जो है
46:08
यह करीब दो गुना तीन गुना कर गुना बड़ा है अगर आज हमारी ये डिप्लॉयमेंट हो रही है यह 2014 के समय या उसके पहले नहीं हो शक्ति थी हमारे पास वह लॉजिस्टिक तो रास्ते ही नहीं थे वहां जान के लिए और वहां मेंटेन करना आप सोचिए की वहां टेंपरेचर जो है -20 -30 पूरे साल में इतना इतना बर्फ जमा हुआ वहां तो पानी लोग जो है बर्फ गाल के पानी पीते तो उसकी कठिनाई देखिए और उसे कठिनाई के बावजूद अगर इस संख्या में हम फौजी को रिप्लाई कर चुके हैं और उसको वहां मेंटेन कर चुके और अभी जब और यह भी समझे की देखिए यह मुकाबला जो है अभी यह जारी अब जब जारी है
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और आप फॉरवर्ड डेवलपमेंट कर चुके अगर आपके यहां लोग कहेंगे अरे भाई आप तो हर गए आप तो डर गए आपको क्या लगता है की फौजी का फौजी का हौसला इसके करण बढ़ेगा आप 62 में जब युद्ध हुआ था तो देश जो है सबने एक साथ जब भी हमारे यहां भाषण में कारगिल में जब हुआ पहले जहां भी कुछ देश संकट के समय में गुजर तो उसे समय लोगों ने अपने राजनीतिक विवादों का साइड में कर कर सब एक मिलजुल कर उन्होंने उसका सामना किया यह दुर्भाग्य की बात है की अभी इस समय सपोर्ट देने के बजे इसमें आलोचना हो रही है आलोचना वह भी मैंने जो आपको खुद पता है की अभी की चीज नहीं है
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या 62 की चीज अब आप जानते हैं की कुछ समय पहले को वो चाइनीस आजकल गांव भी बस रहे हैं बॉर्डर वो लाइन पे अब इसका बहुत हल्ला हुआ की अरे अरुणाचल में एक गांव गांव उन्होंने ये मॉडल विलेज कहते हैं इसको अब यह यही जगह जो है 1959 में चीन ने कब्जा किया था इसमें पूरे पार्लियामेंट में चर्चा हुई थी इसके बड़े में 1959 ये अरुणाचल प्रदेश मैप उन्होंने रिलीज कर दिया जो भारत के लिए ठीक नहीं है नहीं उनका पूरा अरुणाचल प्रदेश के बड़े में नीति ठीक नहीं है मैं आपको छोड़िए आप मैप तो हमें बिल्कुल ना मजदूर क्योंकि जमीन हमारा है उन्होंने कुछ अपने नाम दिए
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हैं उनके नाम करण से जमीन हमारा तब भी होता है है तो वह अलग बात बात यह है की आज जो है एक किम से गुमराह किया जा रहा है की जो पहले की जो घटनाएं हुई हैं जो 62 के पहले हुए हैं 62 के दौरान हुए हैं वो उसका जो है कसूर है कसम से आज हम पर थोपना की कोशिश अब देखिए जब ब्रुसेल्स में थे राहुल गांधी जब यहां जी-20 हो रहा था तो उन्होंने कहा यूरोप में की चीन के पास एक विजन है और मोदी जी के पास विजन नहीं है एक तो समय देखिए की भारत में सबसे बड़े हमारे इतिहास में सबसे बड़ा सम्मेलन अगर हो रहा है जिसमें हम सबको मिलजुल के इसकी सराहन करनी चाहिए उसे समय आप अगर आप बाहर
49:21
जाकर उसकी आलोचना करने उसको उसको आप छोड़ी कभी कभी ना आप गलती से अपनी असली पोजीशन जो है प्रकट कर लेते जैसे अब कहते हैं की बेल्टों रोड आप जानते हैं ना चीन का यह बहुत बड़ा कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट की दुनिया भर में अलग-अलग इंफ्रास्ट्रक्चर बना रहे अब यह बेल्ट्रॉन रोड की प्रशंसा करते अब वही बेल्ट रोड जो है यह पाकिस्तान ऑक्यूपाइड कश्मीर के थ्रू जाता है की भाई यह हमारे सॉवरेन्टी टेरिटोरियल इंटीग्रिटी तो दिखता ना वह अंदर की भावना तो निकाल आई है पहले बार चीन पर आपने इतनी अच्छी तरह से समझाया मुझे लगता की लोगों को भी समझ आया होगा सेक्टर क्या है
50:10
 टाइम आपका एक जो सवाल आकर कोई लोग पूछना चाहते हैं मेरा प्रश्न आपसे यह है मिस्टर राहुल गांधी को क्या चीन बीफ करती है जब वो यहां बैठेंगे ना उनसे पूछ लीजिएगा पर यह तो है की एक बार आ आप जानते हैं ये 2017 की घटना मेरे ख्याल से की उसे समय दो कलाम में वो भूटान में तनाव चल रहा था हम लोग चीन और हम लोग थोड़ा हमने सामने ए चुके थे तो उसे समय उनकी एक मीटिंग हुई थी चाइनीस एम्बेसडर के साथ और हम लोग हैरान थे की भाई भारत के फौजी चीन के बिल्कुल मैन आमने सामने खड़ी है अगर आपको ब्रीफिंग चाहिए तो उसे समय मैं राजनीति में नहीं था मैं
51:02
विदेश सचिन था की अगर ब्रीफिंग चाहिए तो हमें बुला लेते हम आपको बता देते की हो क्या आपको चाइनीस चाइनीस एम्बेसडर से ब्रीफिंग लेने की क्या जरूर तो अब हर आदमी के अपने सबका कहानी झुकाव होता नहीं तो आपको क्या लगता है कौन उनको यह सब फीड करता है ऐसी ऐसी बातें मुझे पता नहीं मुझे पता नहीं जो जो चीज मुझे पता नहीं मैं नॉर्मली उसे पर बोलना नहीं आपको ब्रेक के रुकेंगे और ब्रेक के बाद आपके अदालत में सेशन पर एग्जाम और सवाल आपका पहले तुम कहते थे पाकिस्तान ये सब करवा रहा है इसी सब करवा रहा है अब तू वहां खुद खाने के लाले पड़े हो क्या कर पाएंगे
51:48
संजीवनी रोगन से जंग युग गुरु स्वामी रामदेव के सॉन्ग सुबह
52:53
7:56 पर सिर्फ इंडिया टीवी पर क्या होंगे प्रयोग 24 की पिच है तैयार क्या विपक्ष लगा आकर दोपहर 1:00 बजे सिर्फ इंडिया टीवी पर निरंतर बढ़नी जिंदगी की रफ्तार यहां वक्त कम और एक्शन ज्यादा और इसी रफ्तार के साथ आपको रखेगा सुपरफास्ट खबरें ना लड़ाई हैं
54:07
 खबर दिखाई हैं वेलकम बैक आपके अदालत में आज हमारी मेहमान है भारत के विदेश मंत्री डॉक्टर एस जयशंकर आप अदालत में भारत के विदेश मंत्री दो एस जय शंकर पर आप है की यह भारत की बदनामी करने वालों को रॉक नहीं पे डॉक्टर जयशंकर पूरे दुनिया के अखबारों में छपता है की भारत में माइनॉरिटी पर मुसलमान पर जुल्म हो रहे हैं आपके फेवरेट राहुल गांधी भी जब बाहर जाते हैं तो यह बताते हैं की यहां तो जीना मुश्किल है मुसलमान का लेकिन कोई जवाब नहीं आता
55:16
क्योंकि क्या जो जो यहां का मिशन इनफॉरमेशन और भर का मिशन इनफॉरमेशन यह दोनों कनेक्ट होते कभी-कभी कनेक्शन थोड़ा लेस हो जाता ना तो लोग बाहर जाकर उसको पर्सनली कनेक्ट करते हैं की भारत में जो मुसलमान है उनकी नागरिकता छन ली जाएगी सिटी से चित जाएगी इस तरह का प्रचार है राजा जी उन्होंने कॉन्फ्रेंस में यूरोप में कहा मिलियन आप यह यह संख्या देखिए मिलियन मैन 10 लाख मिलियंस और मुस्लिम प्रियंका कहना था रिकॉर्ड पे मैं खाली इनकी बात नहीं कर रहा है बहुत लोग है सवाल पूछा जब आप लोग उस में थे उन्होंने पब्लिक में कुछ टिप्पणी यह लेफ्ट लिबरल दुनिया जो
56:09
है यह मोदी सरकार की सफलता को बर्दाश्त नहीं कर का रही उनको लगता है की जो उनके जो जिन चुने दोस्त हैं जब उनको पॉलीटिकल सक्सेस नहीं मिलता तो उनके उनके सपोर्ट में उनको कुछ कहना चाहिए की यह हिंदू राष्ट्र बनाना चाहते हैं नरेंद्र मोदी हिंदू नेशनलिस्ट हैं और नरेंद्र मोदी नेशनलिस्ट तो है यह तो साफ दिखाई देता है पर मैं उनको कहता हूं की देखें जवाब शपथ लेते हैं आप किस पर शपथ लेते हैं आप बाइबल पर हाथ डालते हैं ना नहीं डालते हमारे ऊपर यह आप लगाना बहुत आसन है मुझे गर्व है की मैं हिंदू हूं वो पूजा भी करते हैं रक्षाबंधन मानते हैं दिवाली भी
56:50
मानते हैं यहां आए तो मधुमेह उनके बड़े में तो कोई कुछ नहीं कहता यह पॉलीटिकल अटैक है आप कोई न्यूज़पेपर देखेंगे ना वो कहेंगे हिंदू नेशनलिस्ट मोदी गवर्नमेंट जो भी है या क्रिश्चियन जो भी पार्टी और इसका मुकाबला एक किम से होगा जब हम दिखाएंगे भारत में की भारत की पब्लिक जो है सरकार पे विश्वास करती है और हमारे यहां सरकार ने क्या नहीं किया की लोगों का अनाज दी लोन दिया फाइनेंशियल पैसे लोगों के बैंक अकाउंट में पैसे डेल आवाज योजना के तहत घर दिया योजना आयुष्मान भारत में लोगों को पेंशन दी किसने को फर्टिलाइजर कहानी भी हिंदू मुसलमान के बीच में भेदभाव
58:19
नहीं किया जाता लेकिन मुसलमान के बड़े में एक इंप्रेशन जरूर उनके दिलों में क्रिएट हुआ है की जैसे यह सरकार हमारे खिलाफ है कभी मोब्लीचिंग की घटनाएं होती हैं कभी राइट्स होते हैं तो उनको लगता है की हमारे खिलाफ ही ज्यादा एक्शन लिया जाता है आपको क्या लगता है की उन उन देश में ऐसे इनसीडियस नहीं होते पर आप देखिए उसको कैसे मैनेज करते हो उसको कितना वह खुद चढ़ते नहीं चढ़ते उसको आप देखिए यूरोप में क्या हो रहा है यूके में क्या हो रहा है तो यह कन्वर्सेशन को खाली स्थान के बड़े में कहा तो उनको बड़ा लगा कनाडा के साथ जो है हमारे कुछ सालों से यह
59:21
यह बात चल रही है वहां खाली स्थानी उनकी जो अति विद्या जो हैं उनके जो उनके लिए जो स्पेस जो है काफी खबर आई के सारे भी उन्होंने अलाउ किया की वो एंटी इंडिया फ्रीडम कर सकते हैं मैंने भी वो रिपोर्ट देखा था तो यह यह मैं कहूंगा हमारे रिश्तो के लिए यह अच्छा नहीं है और मुझे लगता है खुद कनाडा के हिट में नहीं है की जो ऐसी ताकत है जो होती हैं और बाकी चीज जुड़ जाति हैं इसके साथ बुरी आदतें जो होती है की लंदन में हमारे हाय कमीशन पर वो खाली स्थान का झंडा लगा दे खून तो खोलेगा हमने जो है बहुत स्ट्रांग्ली इसको यूके गवर्नमेंट के साथ मामला उठाया था और
1:00:05
उन्होंने अब अपने साइड से हाय कमीशन की सुरक्षा को बढ़ाया है उन्होंने जिन जिन का हाथ था उसमें उनके खिलाफ मेरे ख्याल से कुछ भी जारी किया है फिर हमने यहां दर्ज कर ली अब यहां से थोड़ी पुलिस वहां खाली स्थानियों को पकाने के लिए जाएगी ओके मैं जो मुझे जानकारी मिली है वहां भी कुछ कैसे शुरू हुआ है और हमें फिर दर्ज करना चाहिए क्योंकि अगर जो जो हुआ है वो भारत के जमीन में हुआ है जो हाय कमीशन जो है वो भारत का जमीन पहले तो हम कहते थे पाकिस्तान ये सब करवा रहा है ऐसा ये सब करवा रहा है अब तू वहां खुद खाने के लाले पड़े वो क्या करवाएंगे
1:00:51
उनके उनके हालात तो खराब है मैं मानता हूं और इसके भी करण है और उनको भी सोचना चाहिए की यह स्थिति पर कैसे पहुंचे क्योंकि उन्होंने अगर डेवलपमेंट को बिल्कुल पैर कर दिया पूरा जो उनका फॉक्स जो था अपने फौजी पर था और आतंकवाद पर था दी काफी टाइट आपने कर दिया मैंने सुना की प्रेजेंट से बहुत रिक्वेस्ट की प्रिंसिपल हम हमसे नहीं पूछते क्योंकि पहले तो यह होता था की अगर उस प्रेसिडेंट इंडिया ए रहे हैं तो आते जाते वहां पाकिस्तान दुर्गेंगे या सऊदी के प्रिंस ए रहे हैं तो वो रुकेंगे अब वो बैंड हो गया देखिए वो एक किम से ऐसी परंपरा थी और यह थी क्योंकि लोग जो हैं
1:01:46
इंडिया पाकिस्तान को मैं 1956 की बात कर रहा हूं 70 इसकी भी थोड़ी बहुत लोग जो हैं हमें कसम से एक स्टार पर मानते थे तो जब और यह आपने देखा होगा की सालों से जो भी यहां आता था जो वहां आता था मैंने एक जगह तो दूसरी जगह उनको जाना ही पड़ता था पर पिछले मैं कहूंगा 9 10 साल से यह भीम जो है यह बैंड हो गई है और आजकल लोगों का इंटरेस्ट क्योंकि दुनिया देखें दुनिया का क्या इंटरेस्ट है दुनिया का इंटरेस्ट है की टेक्नोलॉजी में है टैलेंट में है इकोनामी में है सुरक्षा में है उनको लगता की भाई यह देश जो है अगर दुनिया में इतनी साड़ी प्रॉब्लम्स है यह
1:02:34
कम से कम कुछ तो करेंगे हम सबके साथ मिलजुलकर अब यह अपेक्षा हम पर रख सकते हैं उन पर क्या अपेक्षा है तो अगर अपेक्षा ही नहीं तो कौन जाएगा यूनाइटेड नेशन सिक्योरिटी काउंसिल में भारत मेंबर होना चाहिए अगर हम इकोनामिक नंबर फाइव हो चुके हैं और आगे बढ़ाने की संभावना है पापुलेशन में नंबर वन अगर आप लोगों से पूछेंगे की अगर टेक्नोलॉजी के साथ आप तीन देश छोड़िए दुनिया में तो वो भारत का नाम लेंगे तो हमारी जो है छवि बादल चुकी है लोग समझते हर देश समझना है तो उनको यह समझ है की भारत का योगदान क्या हो होना चाहिए स्थापित किया वहां बहुत लोगों का इलाज
1:03:52
क्या हमारी जो टीम जो डॉग्स को जो डॉग्स को और जो होती है उन्होंने कुछ लोगों को बचाया भी वहां तो ऐसी चीजों से क्या होता है की दुनिया की सोच भारत के बड़े में बादल जाते हैं तो आपके यहां कुछ तो फीलिंग होता होगा ना तो पाकिस्तान का कुछ फ्यूचर है हम अगले सवाल पे जा सकते हैं अगला सवाल जनता से ले लेते हमने काफी तस्वीर और वीडियो देखें हैं पक से वहां के लोग मोदी सरकार से ये डिमांड करते हैं की उन्हें भारत में शामिल कर लिया जाए तो क्या मोदी सरकार उनकी मदद करेंगे हमारे सांसद नेता क्या था और ये सांसद का एक रेजोल्यूशन है इस पे की पक जो है ये
1:04:41
भारत का बिल्कुल इंटीग्रल पार्ट ऑफ इंडिया और आईटी बिल आईटी बिल ऑलवेज रीमेंस हो तो अभी जो है वो है वो हमें किम से विरासत में ये ये प्रॉब्लम मिली है तो आगे जो होगा वो हमें देखना होगा क्योंकि आ आप जानते हैं की अब जो हमारी अभी तक जो बातचीत हो रही थी की दुनिया भी बादल रही है भारत भी बादल रहा है पाकिस्तान भी बादल रहा है तो आगे जी किस दिशा में जाएंगे ये कहना अभी थोड़ा मुश्किल है बहुत इसीलिए पूछ रही थी क्या पाकिस्तान का नक्शा भी बदलेगा थोड़ा बहुत जो है यह पाकिस्तान के नक्शे में नहीं है यह भारत के रक्षक में 
1:05:38
 तब तक मेरे मैंने एक सेकंड के लिए मेरे मां में नहीं था की मैं आ पॉलिटिक्स में जाऊं मेरे परिवार में कोई पॉलिटिक्स में नहीं सकता ना आपके तीनों बच्चे देश के बाहर हैं आपकी वाइफ भी जापानी है पर वो इंडियन नेशनल हाय बीपी के बड़े में झूठी भ्रांति है की इसका स्थाई समाधान नहीं है नियमित योग बीपी ग्रिड के प्रयोग से इस रोग को हमने जड़ से मिटाया है मेरा फ्लैटमेट जस्ट लाइक मी मॉम आई गो स एयरटेल का फैमिली प्लेन दो कनेक्शन सिर्फ 599  जहां वक्त कम और एक्शन ज्यादा और इसी रफ्तार के साथ आपको रखेगा हर पाल अपडेट इंडिया टीवी स्पीड न्यूज़ खबरें
1:06:53
संजीवनी रोगन से जंग युग गुरु स्वामी रामदेव के सॉन्ग सुबह 7:56 पर सिर्फ इंडिया टीवी पर झूठ पर शोर दोपहर 12 बजे सिर्फ इंडिया टीवी पर  19 सालों से
1:08:06
वेलकम बैक आपके अदालत में आज मुकदमा चला रहे हैं सवाद पूछ रहे हैं भारत के विदेश मंत्री दो सेशन आपके अदालत में आपकी अदालत में भारत के विदेश मंत्री दो एस के शंकर पर इल्जाम है की ये राजनीति में मिसफिट हैं  दो जयशंकर आपकी पुरी बैकग्राउंड मैंने अच्छी जीवन का डिप्लोमेट रहे जी परिवार से आप आते हैं आपके पिता वो भी इंटरनेशनल फिल्म के लोग थे आपकी परिवार में सब अंतरराष्ट्रीय तो फिर राजनीति में कैसे ए गए फॉरेन सर्विस से रिटायरमेंट ली उसके बाद मैं कॉरपोरेट सेक्टर में गया मैं उसे समय टाटा ग्रुप के साथ में कम कर रहा था तो
1:08:54
अच्छी पोजीशन थी अच्छी नौकरी थी आराम की नौकरी थी और फिर अचानक एक दिन चुनाव के बाद 19 के चुनाव के बाद मुझे कहा गया की आप प्रधानमंत्री से आकर मिले और उनका कहना था की आप कैबिनेट में कैबिनेट के लिए मेरे मां में नहीं था की मैं अब पॉलिटिक्स में जो मेरे परिवार में कोई पॉलिटिक्स में नहीं है आपके तीनों बच्चे देश के बाहर हैं आपकी वाइफ भी जापानी है पर वह इंडियन नेशनल है जो नॉन पॉलीटिकल लोग जो होते हैं उनके मां में आता है की भाई देश की तरक्की हनी चाहिए अगर यहां मैं कुछ कंट्रीब्यूट कर सकता हूं तो अच्छा अच्छा होगा तो जिस से जी तरीके से पीएम ने कहा तो मुझे
1:09:53
लगता था लगा की मुझे उनके हाथ मजबूत करने के लिए जो कॉरपोरेट नौकरी जो है वह छोड़कर राजनीति में आना चाहिए पर जब मैं मंत्री बना तो उसे टाइम मैं कोई पॉलीटिकल पार्टी का सदस्य नहीं था तो वह जो है मैंने उसके बड़े में भी सोचा मैंने एक महीना सोचा और फिर मैंने लिया पॉलीटिकल लोग है ना उनके लिए हां होगा  जो आप किसी आदमी को आप अचानक कुछ पूछ लेते हैं जो उसके लिए सरप्राइज है तो थोड़ा तो समय लगता है ना तो वो मेरा अनुभव था पर जो
1:11:01
आपने कहा की मेरा मेरा जो परिवार जो है कसम से इंटरनेशनल है वो है और पर मैं इस पर मैं दो कमेंट कहूंगा की देखिए आज जो है करीब 3 करोड़ हमारे नागरिक और भारतीय मूल के लोग देश के बाहर रहते हैं उनका भी देश के प्रगति में बहुत बड़ा योगदान होता है की आप आप देखेंगे जब कुछ संकट का समय आता है और जब हम लोगों ने न्यूक्लियर टेस्ट किया था हमारे खिलाफ दुनिया से भारत में आता है इन्वेस्टमेंट से ज्यादा रेमिटेंस की संख्या और मेरे मेरे कैसे में तो मैं विदेश सेवा
1:12:16
में था कर जगह मैं राजू था और जब देश की मैन सेवा में देश की प्रतिनिधि होते हैं तो उसे समय देश के बड़े में गर्व ज्यादा होता है तो एक मैं कहूंगा की जो हम लोग जो देश को रिप्रेजेंट करते हैं हम जो है सुपर नेशनलिस्ट लोग होते हैं क्योंकि हमारे लिए नेशनलिज्म जो है यह कोई भाषण का मामला नहीं हमारे लिए रोज का मामला है की वो देश का जो जो गर्व और जो जिम्मेदारी जो होती उसको हम हर समय अपने साथ और इसीलिए जब जब मोदी जी विदेश जाते हैं तो वो इंडियन पूरा के लोगों का एड्रेस करते हैं पहले बार जब वह गए अमेरिका गए तो उसे समय उनका वह एक बहुत बड़ा मीटिंग हुआ था वह
1:13:04
मेडिसिन स्क्वायर गार्डन उसके बाद जहां भी जाते हैं अभी भी उसके समाज कुछ मीटिंग करने की कोशिश करते हैं उनको लगा उसे टाइम की इसमें एक तो जो हमारी समुदाय जो है उनको लगा चाहिए की भारत जो है भारत जो जो उन्होंने कहा की हमारा रिश्ता जो है यह पासपोर्ट का रिश्ता नहीं है खून का रिश्ता है उनको लगता है की भाई यह देश जो है हमें भूल नहीं है आज भी हमारी देश में इस कीमत है हमारी आदर्श सम्मान करते हैं लोग तो यह मैं कहूंगा ये बहुत अच्छी बात है और हमारे लिए अगर आप राष्ट्र हिट के परिपेक्ष से देखें यह हमारे लिए बहुत अच्छी बात है लेकिन मैं
1:14:08
देख रहा हूं धीरे-धीरे आप राजनीति के कुर्सी पे रहे हैं आप देख रहे हैं की भाई आजकल बजरंग बाली का जमाना है तो आपने भी अपनी बटन में बजरंग बाली को डिप्लोमेट करना शुरू कर दिया है नहीं वो तो देखिए वो राजनीति नहीं है वो तो मेरा शुरू से विश्वास है की जो अपने इतिहास और अपने परंपरा को समझना में और दुनिया के सामने प्रस्तुत करने में मेरा हर समय इंटरेस्ट रहा तो जैसे मैंने कूटनीति के बड़े में मैंने किताब लिखी है जहां मैंने श्री कृष्णा जो है उनका जो कूटनीति के साथ संबंध क्या था उनका योगदान क्या था महाभारत में उनके उनके महत्व क्या थी यह
1:14:51
अब दुनिया के सामने रखें तो बहुत सारे ऐसे लोग हैं जो ऐसे परिचय दिया गया लंका जल दी तो यह यह जो है मुझे लगता है की आजकल ना हम इकोनॉमिक्स पर बहुत बाल देते हैं पॉलिटिक्स पर बाल देते हैं पर कभी-कभी कलर में भी देना चाहिए की हम अगर हम अपने संस्कृत में अपने अपने विरासत अपनी परंपरा हम लोग अगर इसकी प्रशंसा नहीं करें तो दुनिया कैसे मोदी जी कभी छुट्टी नहीं लेते एनर्जी का सीक्रेट क्या है सर
1:15:55
 ऐसा है मोदी जी का एनर्जी का सिगरेट तो मैं नहीं जानता मैं अपनी एनर्जी का सीक्रेट जानता हूं की अगर मैं उनके साथ हूं तो मेरी एनर्जी ए जाते हर तरह के सवाल पूछे आपकी लाइफ के बड़े में आपकी डिप्लोमेसी के बड़े में आपकी सियासी के बड़े में इंटरनेशनल लीडर्स के बड़े में वक्त जानेमन अनीता तनाव डिप्रेशन वी माइग्रेन से मुक्ति तथा मनुष्य शक्ति की वृद्धि के लिए रिसर्च और एविडेंस भेज मेडिसिन की सोमवार से शुक्रवार दोपहर 1:00 बजे
1:17:10
सिर्फ इंडिया टीवी पर  इस मंच का हर पाल में एंजॉय करती हूं हर सवाल और हर जवाब को समझ शक्ति हूं आपके अदालत आपके और मेरे लिए आपके अदालत दिल से  शुरू करते हैं  इंडिया टीवी के आपकी अदालत चैनल पर निरंतर बढ़नी जिंदगी की रफ्तार जहां वक्त कम और एक्शन ज्यादा और इसी रफ्तार के साथ आपको रखेगा हर पाल अपडेट इंडिया टीवी स्पीड न्यूज़ चैनल जब चाहे तब देखेंगे सुपरफास्ट खबरें दिन भर तो तुरंत जाइए अपने स्मार्ट टीवी के अप स्टोर पर और
1:18:15
डाउनलोड कीजिए इंडिया टीवी स्पीड न्यूज़ चैनल 24 घंटे सुपर फास्ट खबरें राजस्थान सोमवार से शुक्रवार दोपहर 3:00 बजे सिर्फ इंडिया टीवी पर लड़ते ना लड़ते  वेलकम बैक आपके अदालत में आज हमने मुकदमा चलाया भारत के विदेश मंत्री दो एस जयशंकर पर
1:19:18
हमने उनसे पूछा जी-20 के बड़े में हमने उनसे पूछा प्रधानमंत्री मोदी की रिलेशनशिप के बड़े में दुनिया के बड़े-बड़े लीडर्स से कैसे रिश्ते बनाए इसके बड़े में हमने उनसे पूछा उन्हें डिप्लोमेट से राजनेता बैंड कर कैसा लगा अब वक्त है आपके अदालत में आज के जज जाने-माने राइटर और जबरदस्त स्पीकर के फैसला का मशहूरी है बहुत दूर-दूर तक आप बहुत खतरनाक सवाल पूछते हैं और दूसरी बात यह है की जयशंकर जी आज एक नया रूप दिखाई खतरों के खिलाड़ी हो रही है लेकिन मैं तो यही कहूंगा की जयशंकर जी का मैं बहुत ही बड़ा फैन हूं इनको मैंने बहुत जगह पर इंटरव्यू में देखा
1:20:20
है और सबसे बड़ी चीज यह है की इन्होंने जब भी किसी फॉरेन मिनिस्टर से या डिप्लोमेट से बात की है उनको इनके अगर पॉलिसी सही नहीं लगी तो इन्होंने बहुत सीधा जवाब दिया है डबल रोल नहीं खेल सिंगल रोल खेल हमेशा और सिंगल जवाब दिया है सबसे अच्छी इनकी खासियत ये आज भी इन्होंने जो जवाब दिया आपको बहुत सीधे-सीधे जवाब दिए इनको डिकोड नहीं करना पड़ा ये का रहे थे इसका मतलब क्या है ये का रहे थे इसका मतलब क्या है कभी सोचना नहीं पड़ा बिल्कुल सीधे जवाब दिए और जी तरीके से आपके सवाल कम्युनल थे चीन पे थे सभी इस तरीके से जिन्होंने इनको इन्होंने सवाल उनको हैंडल
1:21:06
किया है मैं तो यही कहूंगा की लुकिंग आते हिस्ट्री पिछले कई साल यूक्रेन जैसे इन्होंने संभाल इंडिया का फॉरेन पॉलिसी दे की और इन्होंने यही कहा लोगों को की आपको सूट करता है नहीं करता आपकी मर्जी है लेकिन मैं जो भी डिसीजन लेट हूं अपने देश के हिट में लेट हूं सबसे बड़ी बात तो यही और मेरे हिसाब से उन्होंने कहा की खून का रिश्ता है सब हमने एक चीज सखी है खून के रिश्ते में और प्यार के रिश्ते में बहुत फर्क होता है प्यार के रिश्ते बनाने के लिए संस्कार चाहिए अहंकार नहीं चाहिए साहब और वह इन्होंने दिखाए है एक बहुत अच्छे तरीके से
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मेरे हिसाब से एक सिर्फ फॉरेन मिनिस्टर नहीं है एक देशभक्ति है और हमारे देश को शायद पहले ऐसे फॉरेन मिनिस्टर मिला है हूं इसे पेट पियो और फर्स्ट और फॉरेन मिनिस्टर सेकंड इन दिस कंट्री और मैं बहुत-बहुत बधाई देता हूं बल्कि मैं अपने प्रधानमंत्री को भी बधाई देता हूं जिन्होंने ऐसा फॉरेन मिनिस्टर चुनाव है और सभी इल्जामों को देखते हुए मां को भाइजात बड़ी करता हूं थैंक यू शिवा खेड़ा जी ने कहा उसने एक बात और एड करना चाहता हूं की उम्मीद से बहुत अच्छी हिंदी डॉक्टर जयशंकर ने बोली शब्दों का इस्तेमाल डिप्लोमेसी के गुना का इस्तेमाल करते हैं
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और बुलंदियों तक पहुंचे आपके अदालत में मेरी आपसे मुलाकात होगी अगले हफ्ते एक नई शख्सियत के साथ तब तक के लिए नमस्कार अब देख रहे थे आपकी अदालत अब आई देखते हैं अब तक की हैडलाइंस इंडिया टीवी आपकी आवाज हैडलाइंस प्रेजेंटेड बाय पतंजलि के रिसर्च और एविडेंस